रांची, 16 अक्टूबर सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने बुधवार को निर्वाचन आयोग पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पक्ष में काम करने का आरोप लगाया। झामुमो ने भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग करने का भी आरोप लगाया।
निर्वाचन आयोग द्वारा राज्य की 81 सदस्यीय विधानसभा के लिए चुनाव की घोषणा के एक दिन पार्टी ने ये आरोप लगाए। चुनाव 13 और 20 नवंबर को दो चरणों में होंगे।
झामुमो के केंद्रीय प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने यहां संवाददाताओं को संबोधित करते हुए आरोप लगाया, “चुनाव दो चरणों में होंगे लेकिन एक रणनीति के तहत। एक जिले के कुछ निर्वाचन क्षेत्रों में अलग-अलग तिथियों पर मतदान होगा। जिस तरह से तिथियों की घोषणा की गयी उससे ऐसा लगता है कि निर्वाचन आयोग भाजपा को फायदा पहुंचाने की कोशिश कर रहा है।”
भट्टाचार्य ने दावा किया कि हजारीबाग के मांडू निर्वाचन क्षेत्र में मतदान दूसरे चरण में होगा ताकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जैसे शीर्ष भाजपा नेता मतदान से पहले सभाएं कर सकें और आसपास के निर्वाचन क्षेत्रों में मतदाताओं को प्रभावित कर सकें।
उन्होंने आरोप लगाया कि ठीक इसी तरह रांची जिले के खिजरी और सिल्ली निर्वाचन क्षेत्रों में ‘एक रणनीति के तहत’ दूसरे चरण में मतदान होना है।
भट्टाचार्य ने कहा, “मैं केंद्र और निर्वाचन आयोग से अपील करता हूं कि वे संवैधानिक संस्थाओं को इस तरह से नुकसान न पहुंचाएं।”
उन्होंने असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा की ओर इशारा करते हुए आरोप लगाया कि चुनाव की रणनीति ‘असम भवन में तय की गई’।
शर्मा, झारखंड के लिए भाजपा के चुनाव सह-प्रभारी भी हैं।
भट्टाचार्य ने सवाल किया कि असम के मुख्यमंत्री को चुनाव की तारीखों की घोषणा के बारे में कैसे पता था?
वहीं भाजपा ने दावा किया कि सत्तारूढ़ पार्टी चुनाव हारने के डर से ऐसे आरोप लगा रही है।
झारखंड की 43 विधानसभा सीट पर 13 नवंबर को जबकि शेष 38 सीट पर 20 नवंबर को मतदान होगा।
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