रांची, दो जनवरी झारखंड उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को राज्य सरकार को हलफनामा दायर कर यह बताने का निर्देश दिया कि नक्सली संगठन पीएलएफआई के प्रमुख दिनेश गोप को इलाज के लिए एम्स ले जाने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने लगभग दो दशक की तलाश के बाद मई 2023 में गोप को नयी दिल्ली से गिरफ्तार किया था। फिलहाल वह होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार में बंद है।
सौ से अधिक आपराधिक मामलों में वांछित गोप के हाथ में चोट लग गई थी, जिसके लिए उसका ऑपरेशन किया गया था। इसके बाद, कुछ जटिलताएं विकसित हो गईं, जिसके चलते उसे राज्य के शीर्ष स्वास्थ्य संस्थान, रिम्स के चिकित्सा बोर्ड के पास ले जाया गया।
राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (रिम्स) बोर्ड ने गोप को बेहतर इलाज के लिए एम्स ले जाने का सुझाव दिया है।
हालांकि, सरकार ने गोप को बेहतर इलाज के लिए एम्स में स्थानांतरित करने के लिए कदम नहीं उठाया है, जिसके बाद उसने उच्च न्यायालय में याचिका दायर की।
मामले की सुनवाई अब अगले हफ्ते होगी।
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