जद (यू) का तेजस्वी यादव पर पलटवार, पेश किया महिलाओं के सशक्तीकरण की दिशा में उठाए गए कदमों का ब्योरा
जनता दल (यूनाईटेड) ने बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव की ओर से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प्रस्तावित यात्रा पर सवाल उठाने पर पलटवार किया और दावा किया कि राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे सुशासन के कार्यक्रमों के केंद्र में सदैव महिला सशक्तीकरण रहा है.
नयी दिल्ली, 12 दिसंबर : जनता दल (यूनाईटेड) ने बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव की ओर से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प्रस्तावित यात्रा पर सवाल उठाने पर पलटवार किया और दावा किया कि राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे सुशासन के कार्यक्रमों के केंद्र में सदैव महिला सशक्तीकरण रहा है. मुख्यमंत्री कुमार 15 दिसंबर से ‘महिला संवाद यात्रा’ निकालने वाले हैं. बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष यादव ने पिछले दिनों इस यात्रा को ‘चुनावी पिकनिक’ करार देते हुए दावा किया था कि इस पर 225 करोड़ से अधिक रुपये खर्च होने वाले हैं. यादव ने इसे ‘फिजूलखर्ची’ बताते हुए राज्य सरकार को बेरोजगारी, पलायन, महंगाई, अपराध तथा भ्रष्टाचार के मुद्दे पर घेरा था. प्रसाद ने एक बयान में कहा कि कुमार के कार्यकाल में सरकारी नौकरियों में महिलाओं के लिए 35 फ़ीसदी आरक्षण लागू करने के साथ ही पंचायती राज संस्थाओं एवं स्थानीय निकायों में 50 प्रतिशत आरक्षण देकर महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व को भी सुनिश्चित किया गया.
उन्होंने कहा, ‘‘महिलाओं के विकास, सशक्तीकरण एवं गरीबी उन्मूलन के लिए 2007 में जीविका योजना को आरंभ किया गया. इस पहल का अनुकरण अनेक राज्य कर रहे हैं. इसके साथ ही प्राथमिक शिक्षक नियोजन में भी महिलाओं के लिए 50 फ़ीसदी आरक्षण का प्रावधान किया गया. साथ ही प्रजनन दर में भी 4.3 प्रतिशत के मुक़ाबले 2.9 फ़ीसदी की गिरावट दर्ज हुई.’’ जद (यू) ने कहा कि इसके अलावा मुख्यमंत्री पोशाक योजना, हुनर एवं औज़ार कार्यक्रम, मुख्यमंत्री कन्या सुरक्षा योजना, बालिका इंटरमीडिएट एवं स्नातक प्रोत्साहन योजना, सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना, महिला उद्यमी योजना समेत अनेक योजनाओं के माध्यम से बिहार महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बन गया है. उन्होंने कहा कि महिलाओं के उत्पीड़न की घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए राज्य के सभी 38 जिलों में महिला थाने लगातार सक्रियता से काम कर रहे हैं. यह भी पढ़ें : राज्यसभा में सभापति के खिलाफ नोटिस, सोरोस मुद्दे पर गतिरोध कायम : नहीं चल पायी बैठक
प्रसाद ने कहा, ‘‘इन निर्णयों के सकारात्मक परिणाम आने में ज़्यादा वक़्त नहीं लगा. वर्ष 2011 के जनगणना के आधार पर महिला साक्षरता दर में 20 फ़ीसदी की वृद्धि दर्ज़ की गई. राज्य में पुलिस बल में महिलाओं की भागीदारी का अनुपात पूरे देश में सबसे ज़्यादा है और महिलाओं के उत्पीड़न की घटनाओं में शराबबंदी जैसे युगांतकारी क़ानून के कारण गुणात्मक कमी हुई है.’’ तेजस्वी यादव ने राज्य सरकार की कई योजनाओं का उल्लेख करते हुए कई अन्य सवाल भी उठाए थे और कहा था कि कोई भी यात्रा अब राज्य में हुए ‘विनाश की मात्रा’ को नहीं छिपा सकती. उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा था, ‘‘छात्राओं व महिलाओं के लिए जमीन पर कुछ नहीं लेकिन प्रचार के लिए अरबों रुपयों को अधिकारियों के हाथों लुटाया जा रहा है. संवाद के लिहाज से ‘शून्य मुद्दों’ पर नीतीश कुमार 225,78,00,000 करोड़ रुपए खर्च करने जा रहे है.’’
(The above story first appeared on LatestLY on Dec 12, 2024 03:04 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

