जापान के हटने से आस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की संयुक्त दावेदारी का रास्ता साफ हो गया है। महिला विश्व कप का पिछला टूर्नामेंट 2019 में फ्रांस में खेला गया था।
जेएफए ने तोक्यो में आनलाइन प्रेस कांफ्रेंस के दौरान दावेदारी से हटने की घोषणा की।
जेएफए के अध्यक्ष कोजो ताशिमा ने कहा, ‘‘आज हमने 2023 महिला विश्व कप की मेजबानी की अपनी दावेदारी वापस लेने का फैसला किया।’’
उन्होंने कहा, ‘‘इस मुश्किल फैसले को कराने से अधिक निराशाजनक कुछ और नहीं हो सकता।’’
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आस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की संयुक्त दावेदारी को इस महीने की शुरुआत में फीफा से सर्वश्रेष्ठ आकलन अंक मिले थे। जापान की दावेदारी दूसरे जबकि कोलंबिया की तीसरे स्थान पर आंकी गई थी।
फुटबॉल की वैश्विक संचालन संस्था फीफा को गुरुवार को स्विट्जरलैंड में विजेता के नाम की घोषणा करनी है।
आस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की दावेदारी को संभावित पांच में से 4.1 अंक मिले थे जबकि जापान की बोली को 3.9 अंक दिए गए थे। कोलंबिया को 2.8 अंक मिले थे।
जापान ने 2011 में महिला विश्व कप खिताब जीता था जबकि 2015 में टीम उपविजेता रही थी। अमेरिका ने फ्रांस ने पिछला टूर्नामेंट जीतने के अलावा कुल चार बार विश्व खिताब जीता है। आस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की टीमें कभी शीर्ष चार में जगह नहीं बना पाई हैं।
तोक्यो में इस साल होने वाले ओलंपिक खेलों को भी अगले साल तक स्थगित किया गया है। जापान इसके अलावा 2030 में सापोरो में शीतकालीन ओलंपिक की मेजबानी की दावेदारी भी पेश कर रहा है।
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