देश की खबरें | जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा के पास घुसपैठ की कोशिश नाकाम, दो आतंकवादी ढेर
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श्रीनगर, 11 जुलाई जम्मू-कश्मीर के नौगाम सेक्टर में शनिवार को नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास घुसपैठ की कोशिश को नाकाम करते हुए सेना ने दो आतंकवादियों को मार गिराया ।
सेना ने यह भी कहा कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) के लांच पैड पर करीब 300 आतंकवादी नियंत्रण रेखा के इस पार आने की ताक में हैं।
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सेना के बारामूला के 19 इंफैंट्री डिवीजन के जनरल ऑफिसर कमांडिंग मेजर जनरल विरेंद्र वत्स ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘घुसपैठ रोधी बाड़ को काटकर इलाके में घुसने की कोशिश कर रहे दो आतंकवादियों का सफाया करने के लिए सैनिकों ने उपयुक्त कार्रवाई की।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ हथियारों से लैस होकर सेना की वर्दी में इन लोगों ने सामने के क्षेत्र की पाकिस्तानी चौकी वाला रास्ता लिया था जो भारत में समस्या पैदा करने में पाकिस्तान की संलिप्तता का स्पष्ट संकेत है।’’
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उन्होंने बताया कि सेना द्वारा समय से की गयी कार्रवाई से दोनों आतंकवादियों का सफाया हो गया और सेना ने उन दोनों के पास से हथियार,युद्ध में इस्तेमाल की जाने जैसी सामग्री, खाद्य पदार्थ, दवाइयां, भारतीय और पाकिस्तानी मुद्रा में 15 लाख रूपये बरामद किये।
मेजर जनरल वत्स ने कहा कि शनिवार की घुसपैठ की कोशिश राजौरी और कुपवाड़ा सेक्टरों में पाकिस्तान द्वारा हाल ही में किये गये प्रयासों जैसी ही थी और इसे नियंत्रण रेखा के पार लांच पैड पर बड़ी संख्या में आतंकवादियों की मौजूदगी के बारे में प्राप्त सूचनाओं के आलोक में देखने की जरूरत है जिन्हें ‘पाकिस्तानी सेना द्वारा पूरा सहयोग प्रदान किया जा रहा है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ भारतीय सेना नियंत्रण रेखा की गरिमा को बनाए रखने के अपने संकल्प के प्रति पूरी तरह कटिबद्ध है और नियंत्रण रेखा को पार करने की किसी भी कोशिश का यही हश्र होगा या उपयुक्त जवाब दिया जाएगा। ....’’
अधिकारी ने कहा कि नियंत्रण रेखा के पार लांचपैड पर 200-300 आतंकवादी हो सकते हैं।
उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर के विशेष दर्जे के निरसन के केंद्र के पांच अगस्त, 2019 के निर्णय के बाद से पाकिस्तान लोगों को उकसाने के लिए घाटी में अधिकाधिक आतंकवादियों को भेजने का प्रयत्न कर रहा है लेकिन वह विफल रहा है।
मेजर जनरल वत्स ने कहा,‘‘ पाकिस्तान कश्मीर के लोगों को उकसाने में विफल हो रहा है। लोगों ने कमोबेश पाकिस्तान के विमर्श को खारिज कर दिया है। अगले तीन चार महीने में घुसपैठ बढ़ सकती है लेकिन सैनिक ऐसी सभी कोशिशों को विफल करने के लिए चौकन्ने हैं।’’
इस बीच एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी ने कहा कि ये आतंकवादी जम्मू कश्मीर के विशेष दर्जे के निरसन की पहली वर्षगांठ से पहले इस केंद्रशासित प्रदेश में हिंसा बढ़ाने की पाकिस्तान की कोशिश का हिस्सा थे।
उन्होंने बताया कि मारे गये दोनों आतंकवादियों में से एक की पहचान स्थानीय बाशिंदे इदरिस भट के रूप में हुई है और वे संभवत: लश्कर ए तैबया का हिस्सा थे।
अधिकारी ने कहा, ‘‘ दो ए के 47 राइफल और बड़ी संख्या में गोलिया, चीनी पिस्तौल, चार ग्रेनेड आदि चीजें मिली हैं । ये ग्रेनेड पाकिस्तानी आयुध फैक्टरी में बने हैं।’’
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(The above story first appeared on LatestLY on Jul 11, 2020 08:34 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

