देश की खबरें | आतंकवाद के आरोप में गिरफ्तार लोगों को कानूनी मदद देगी जमीयत उलेमा-ए-हिन्द

लखनऊ, 14 जुलाई जमीयत उलेमा-ए-हिंद उत्तर प्रदेश एटीएस द्वारा आतंकवादी संगठन अलकायदा की शाखा 'अंसार ग़ज़वतुल हिन्द' से जुड़े होने के आरोप में पिछले रविवार को लखनऊ में गिरफ्तार किए गए दो आरोपियों को कानूनी सहायता देगी।

जमीयत उलेमा क़ानूनी इमदाद कमेटी के अध्यक्ष गुलज़ार आज़मी ने बुधवार को बताया कि उतर प्रदेश आतंकवाद रोधी दस्ता (एटीएस) द्वारा आतंकवाद के आरोप में गिरफ़्तार दो मुस्लिम युवकों के परिवार के लोगों ने जमीयत उलेमा-ए-हिन्द से क़ानूनी सहायता मांगी है।

उन्होंने बताया कि अनुरोध प्राप्त होने के बाद जमीयत उलेमा-ए-हिन्द के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी के आदेश पर आरोपियों को क़ानूनी सहायता दी जाएगी। मदनी ने कहा कि जमीयत के प्रयासों से अब तक सैकड़ों युवक आतंकवाद के मुकदमों में रिहा हो चुके हैं जो यह प्रमाणित करता है कि जांच एजेंसियां बग़ैर सुबूत के धार्मिक पक्षपात के आधार पर गिरफ़्तार कर लेती हैं और एक लम्बे समय के बाद अदालतें उन्हें सम्मानजनक बरी कर देती हैं।

जमीयत अध्यक्ष ने कहा कि मगर सवाल यह है कि जांच एजेंसियों के इस पक्षपातपूर्ण रवैये से मुस्लिम युवकों के जो वर्ष बर्बाद हो जाते हैं उन्हें कौन लौटाएगा इसीलिये जमीयत ने फास्ट ट्रैक अदालत की मांग की थी ताकि फैसला जल्द हो। अगर वास्तव में दोषी हैं तो सज़ा मिले, अगर निर्दोष हैं तो उन्हें रिहा कर दिया जाए। मदनी ने कहा कि जमीयत आतंकवाद के मामलों में गिरफ्तार बेकुसूर मुसलमानों की सम्मानजनक रिहाई तक अपना संघर्ष जारी रखेगी।

गौरतलब है कि एटीएस ने अलकायदा समर्थित 'अंसार ग़ज़वतुल हिंद' से जुड़े लखनऊ के दुबग्गा निवासी मिनहाज अहमद तथा मड़ियांव के रहने वाले मुशीरउद्दीन को रविवार को गिरफ्तार कर मिनहाज के घर से भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री तथा एक पिस्तौल बरामद की थी। मुशीरउद्दीन के पास से भी भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद की गई थी। दोनों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है।

इस मामले में दोनों आरोपियों की मदद करने के इल्जाम में बुधवार को तीन और लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

राज्य के अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने बताया था कि ये लोग अलकायदा के उत्तर प्रदेश मॉड्यूल के मुखिया उमर हलमंडी के निर्देश पर अपने साथियों की मदद से आगामी 15 अगस्त को उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों, खासकर लखनऊ के महत्वपूर्ण स्थानों, स्मारकों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में विस्फोट करने और मानव बम आदि द्वारा आतंकवादी घटनाओं को अंजाम देने की तैयारी कर रहे थे। इसके लिए हथियार तथा विस्फोटक भी जमा किया गया था।

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