नयी दिल्ली, 13 फरवरी जामिया नगर हिंसा से संबंधित एक मामले में सत्र अदालत के न्यायाधीश के सुनवाई से खुद को अलग करने के बाद मामला सोमवार को दूसरी अदालत में स्थानांतरित कर दिया गया। न्यायाधीश ने हाल में 2019 की घटना से जुड़े एक अन्य मामले में छात्र कार्यकर्ता शरजील इमाम सहित 11 आरोपियों को आरोप मुक्त किया था।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (एएसजे) अरुल वर्मा ने शुक्रवार को जामिया नगर में दिसंबर 2019 में हुई हिंसा के संबंध में एक मामले की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया। इस संबंध में छात्र नेता आसिफ इकबाल तनहा सहित कई लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। एक सूत्र ने कहा कि मामले की सुनवाई अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सोनू अग्निहोत्री 18 मार्च को कर सकते हैं।
इससे पूर्व व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए एएसजे वर्मा ने यहां साकेत अदालत के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश से मामले को स्थानांतरित करने का अनुरोध किया था।
वर्तमान मामले के आरोपियों में तनहा, मीरान हैदर, आशु खान, कासिम उस्मानी, मोहम्मद हसन, मोहम्मद जमाल, मोहम्मद साहिल मुदस्सिर, फहीम हसमी, समीर अहमद, मोहम्मद उमर, मोहम्मद आदिल, रूहुल अमीर, चंदन कुमार और साकिब खान शामिल हैं।
जामिया नगर थाना ने नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों और पुलिस के बीच झड़प के बाद भड़की हिंसा के संबंध में प्राथमिकी दर्ज की थी।
एएसजे वर्मा ने इमाम सहित आरोपियों को बरी करते हुए पुलिस को यह कहते हुए फटकार लगाई थी कि वे वास्तविक अपराधियों को पकड़ने में असमर्थ रहे और 11 आरोपियों को ‘‘बलि का बकरा’’ बनाया गया।
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