जरुरी जानकारी | आईटीटीएसी ने ट्रक चालाकों को प्रशिक्षण देने के लिये आईओसी के साथ किया गठजोड़

नयी दिल्ली, 30 सितंबर आटोमोटिव टायर मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (एटीएमए) की तकनीकी इकाई इंडियन टायर टैक्निकल एडवाइजरी कमेटी (आईटीटीएसी) ने सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी इंडियन ऑयल कापोर्रेशन (आईओसी) के साथ इंडेन कुकिंग गैस की आपूर्ति करने वाले ट्रक चालकों को प्रशिक्षण देने के लिये हाथ मिलाया है।

एटीएमए की बुधवार को जारी विज्ञप्ति के अनुसार यह गठजोड़ हरियाणा के गुरुग्राम एवं करनाल स्थित इंडियन ऑयल के बॉटलिंग संयंत्रों से रसोई गैस सिलेंडर की आपूर्ति करने वाले वाणिज्यिक वाहनों के ड्राइवरों को टायर की देखभाल एवं सुरक्षा के संबंध में प्रशिक्षण देने के लिये किया गया है।

यह भी पढ़े | उत्तर प्रदेश: मथुरा की सिविल कोर्ट ने Krishna Janmabhoomi से लगी मस्जिद को हटाने की याचिका को खारीज किया.

बयान में कहा गया है, ‘‘चालकों एवं लॉजिस्टिक्स सेवा प्रदाताओं को टायर सुरक्षा के संबंध में प्रशिक्षित करने के लिए ऑटोमोटिव टायर मैन्यूफैक्चरर्स एसोसिएशन की तकनीकी इकाई इंडियन टायर टेक्निकल एडवाइजरी कमेटी ने इंडियन ऑयल से हाथ मिलाया है।’’

इसके तहत हरियाणा के गुरुग्राम एवं करनाल स्थित इंडियन ऑयल के बोटलिंग प्लांट से घरेलू रसोई गैस (एलपीजी) सिलेंडर की आपूर्ति करने वाले वाणिज्यिक वाहनों के चालकों को टायर की देखभाल एवं सुरक्षा के संबंध में प्रशिक्षित किया गया है। इंडियन ऑयल के दोनों बोटलिंग प्लांट पर दो दिन चले प्रशिक्षण कार्यक्रम में 150 से ज्यादा वाणिज्यिक चालकों, क्लीनर्स एवं फ्लीट मैनेजरों को टायर सुरक्षा का विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया।

यह भी पढ़े | Aadhaar-Ration Card Linking: आधार-राशन कार्ड लिंक करने की आज है अंतिम तारीख, यहां देखें दोनों को लिंक करने का आसान ऑनलाइन और ऑफलाइन तरीका.

आईटीटीएसी के चेयरमैन टॉम थॉमस ने कहा, ’एलपीजी सिलेंडर को लाना-ले जाना बहुत जिम्मेदारी का काम है। परिवहन सेक्टर में अहम भूमिका निभाने वाले वाणिज्यिक वाहनों के चालकों को सुरक्षा के सभी मानकों के प्रति सतर्क एवं जागरूक होना चाहिए...।’’

एटीएमए के महा निदेशक राजीव बुधराजा ने कहा कि एटीएमए और आईटीटीएसी ने इन चालकों के लिए विशेष प्रशिक्षण मॉड्यूल तैयार किया है। सिलेंडर लाने ले जाने वाले वाहनों की टायर सुरक्षा जरूरी है। घिसे टायर ब्रेक लगाने के बाद भी ज्यादा दूर जाकर रुकते हैं जिससे सुरक्षा को खतरा हो सकता है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)