मुंबई, पांच जून महाराष्ट्र सरकार ने शुक्रवार को कहा कि सरकारी कर्मचारियों के लिए लॉकडाउन के दौरान सप्ताह में एक दिन कार्यालय में उपस्थित होना अनिवार्य है, जिसमें यदि वे विफल रहते हैं, तो उन्हें वेतन कटौती का सामना करना पड़ेगा।
अतिरिक्त मुख्य सचिव (वित्त) मनोज सौनिक द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, सभी सरकारी विभागों को उनसे संबद्ध अधिकारियों और कर्मचारियों का एक रोस्टर तैयार करने के लिए कहा गया है।
आदेश के अनुसार, ‘‘स्वीकृत छुट्टी या चिकित्सा अवकाश लिए कर्मचारियों को छोड़कर सभी कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से सप्ताह में एक दिन कार्यालय जरूर जाना होगा।’’
उसमें कहा गया है कि लॉकडाउन के दौरान बिना अनुमति के कार्यालय नहीं पहुंचने वालों के खिलाफ विभागीय प्रमुख द्वारा अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
उसमें यह चेतावनी दी गई कि यदि कोई कर्मचारी निर्धारित दिन को कार्यालय में अनुपस्थित रहता है, तो उसके पूरे सप्ताह का वेतन कट जाएगा।
अधिसूचना में कहा गया कि यदि किसी कर्मचारी को हफ्ते में एक दिन से अधिक समय तक कार्यालय में उपस्थित रहना है, तो उनका वेतन केवल उन्हीं दिनों का कटेगा, जिन दिनों में वह अनुपस्थित रहा है।
यह आदेश 8 जून से लागू होगा। लॉकडाउन 30 जून तक लागू है।
यह अधिसूचना तब जारी किया गया है जब ऐसी खबरे सामने आ रही हैं कि कर्मचारी लॉकडाउन के दौरान काम करने के लिए कार्यालय नहीं पहुंच रहे हैं और कुछ तो अपने गृहनगर चले गए हैं।
वर्तमान में, सरकारी कार्यालयों में 5 प्रतिशत कर्मचारियों या 10 लोगों के साथ कामकाज चलाया जा रहा है।
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