गुवाहाटी, 30 जुलाई लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने रविवार को कहा कि हर गंभीर मुद्दे पर चर्चा होनी चाहिए, लेकिन राज्य विधानसभाओं और संसद में कोई व्यवधान नहीं होना चाहिए, क्योंकि लोगों को ‘‘लोकतंत्र के इन मंदिरों’’ से बहुत उम्मीदें हैं।
बिरला की टिप्पणी मणिपुर हिंसा को लेकर संसद में जारी गतिरोध की पृष्ठभूमि में आई है। उन्होंने कहा कि विभिन्न मुद्दों पर सहमति और असहमति भारत के लोकतंत्र की विशेषता है।
लोकसभा अध्यक्ष यहां असम विधानसभा के नए भवन का उद्घाटन करने के बाद पूर्वोत्तर राज्यों के विधायकों, सांसदों और अन्य गणमान्य व्यक्तियों को संबोधित कर रहे थे।
बिरला ने कहा, ‘‘लोकतंत्र के मंदिर में हर गंभीर मुद्दे पर बहस, चर्चा, संवाद और बातचीत होनी चाहिए। लेकिन राज्य विधानसभाओं और लोकसभा में कोई व्यवधान या गतिरोध नहीं होना चाहिए।’’
उन्होंने कहा, ‘‘लोगों को राज्य विधानसभाओं और लोकसभा से बहुत सारी उम्मीदें हैं। लोग आपको बहुत उम्मीदों के साथ यहां भेजते हैं।’’
बिरला ने कहा कि सदन में विधेयकों सहित हर मुद्दे पर गहन चर्चा और बहस लोगों के सर्वोत्तम हित में बेहतर परिणाम ला सकती है।
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