नयी दिल्ली, नौ जुलाई भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) जल्द ही अपने लघु उपग्रह प्रक्षेपण यान (एसएसएलवी) को रॉकेट की दो विकास उड़ानों के बाद निजी क्षेत्र को हस्तांतरित करेगा।
एसएसएलवी 500 किलोग्राम वजन तक के उपग्रहों को पृथ्वी की निचली कक्षा में स्थापित करने वाला वाहन है।
इस संबंध में एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अंतरिक्ष एजेंसी ने लघु रॉकेट को निजी उद्योग को स्थानांतरित करने के लिए बोली लगाने का मार्ग चुनने का फैसला किया है।
अधिकारी ने कहा, "हम एसएसएलवी को पूरी तरह से निजी क्षेत्र को स्थानांतरित कर देंगे। न केवल विनिर्माण, बल्कि पूर्ण हस्तांतरण।"
पिछले साल अगस्त में एसएसएलवी की पहली उड़ान दूसरे चरण के पृथक्करण के दौरान ‘इक्विपमेंट बे डेक’ पर कंपन संबंधी गड़बड़ी के कारण विफल रही थी।
इसरो ने गड़बड़ी का गहन विश्लेषण करने के बाद सुधारात्मक कार्रवाई की और फरवरी में एसएसएलवी का सफल प्रक्षेपण किया।
एसएसएलवी ने इसरो के ईओएस-07 उपग्रह, अमेरिकी कंपनी एंटारिस के जानूस-1 और चेन्नई स्थित अंतरिक्ष स्टार्ट-अप स्पेस किड्ज़ के आजादीसैट-2 उपग्रहों को 450 किलोमीटर की गोलाकार कक्षा में स्थापित किया था।
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