देश की खबरें | एक माह से बंधक बनाकर रखे गये भारतीय श्रमिकों को इजराइली प्रशासन ने कराया मुक्त

यरूशलम, छह मार्च भारत के 10 निर्माण श्रमिकों को पश्चिमी तट के एक गांव से रात में बचाया गया, जहां पासपोर्ट छीन लिए जाने के बाद उन्हें एक महीने से अधिक समय तक बंधक बनाकर रखा गया था।

स्थानीय मीडिया ने बृहस्पतिवार को इजराइली जनसंख्या एवं आव्रजन प्राधिकरण के हवाले से यह खबर दी।

‘टाइम्स ऑफ इजराइल’ ने अधिकारियों के हवाले से बताया कि फलस्तीनी काम देने का वादा करके इन श्रमिकों को पश्चिमी तट के अल-जायेम गांव में ले गये और फिर उनके पासपोर्ट ले लिए तथा उनका इस्तेमाल करके इजराइल में प्रवेश करने की कोशिश की।

खबर के अनुसार इन श्रमिकों को जनसंख्या और आव्रजन प्राधिकरण ने इजरायल रक्षा बलों (आईडीएफ) और न्याय मंत्रालय के साथ मिलकर चलाए एक रात के अभियान में बचाया गया। ये श्रमिक मूल रूप से निर्माण उद्योग में काम करने के लिए इजरायल आए थे।

खबर के मुताबिक इन श्रमिकों को एक सुरक्षित स्थान पर पहुंचा गया है और बाद में उनके कामकाज की स्थिति तय की जायेगी।

ऐसा कहा जाता है कि आईडीएफ ने पासपोर्टों के अवैध उपयोग की पहचान कर ली थी तथा बाद में उन्हें उनके मालिकों को लौटा दिया।

समाचार पोर्टल ‘वाईनेटन्यूज’ ने बताया कि फलस्तीनियों ने भारतीय पासपोर्ट का इस्तेमाल आसानी से सीमाचौकी पार करके इजरायल में प्रवेश करने के लिए किया।

इस पोर्टल के अनुसार इजरायली रक्षा बलों ने एक सीमा चौकी पर कुछ संदिग्धों को रोका, जिसके बाद भारतीय श्रमिकों को बरामद किया गया।

बताया जाता है कि पिछले एक साल में इजराइल में निर्माण उद्योग में काम करने के वास्ते करीब 16000 श्रमिक आये।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)