विदेश की खबरें | इजराइल ने होलोकॉस्ट पीड़ितों से संबंधित पोलैंड के कानून की कड़ी निंदा की

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. वारसा, 15 अगस्त (एपी) इजराइल ने पोलैंड के उस कानून की कड़ी निंदा की है, जिसके मुताबिक होलोकॉस्ट (यहूदियों का नरसंहार) के पीड़ित अथवा उनके वंशज पूर्ववर्ती कम्युनिस्ट शासन द्वारा जब्त की गई अपनी संपत्ति को वापस नहीं ले सकते।

वारसा, 15 अगस्त (एपी) इजराइल ने पोलैंड के उस कानून की कड़ी निंदा की है, जिसके मुताबिक होलोकॉस्ट (यहूदियों का नरसंहार) के पीड़ित अथवा उनके वंशज पूर्ववर्ती कम्युनिस्ट शासन द्वारा जब्त की गई अपनी संपत्ति को वापस नहीं ले सकते।

इजराइल ने इस कानून के विरोध में पोलैंड से अपने शीर्ष राजनयिक को वापस बुलाने की घोषणा की है। इस कानून को मंजूरी मिलने से इजराइल की नयी सरकार और पोलैंड की नेशनलिस्ट कंजर्वेटिव सरकार के बीच कूटनीतिक विवाद काफी बढ़ गया है।

इजराइल के पूर्व प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यकाल के दौरान पोलैंड के साथ उसके संबंध काफी मजबूत रहे थे, लेकिन इजराइल की नयी सरकार में अधिकतर शीर्ष अधिकारी होलोकॉस्ट पीड़ितों के वंशज हैं, इसलिए इस मुद्दे को लेकर इजराइल का रुख काफी कड़ा प्रतीत हो रहा है।

पोलैंड के राष्ट्रपति आंद्रेज़ डूडा ने एक कानून पर हस्ताक्षर कर उसे मंजूरी प्रदान की है, जिसमें द्वितीय विश्व युद्ध के अंत के बाद से लेकर 1989 तक पोलैंड पर शासन करने वाली कम्युनिस्ट सरकार के कार्यों को स्वीकृति दी गयी है।

पोलैंड के इस नये कानून में द्वितीय विश्व युद्ध और होलोकॉस्ट का कोई जिक्र नहीं किया गया है। इसमें कहा गया है कि 30 वर्ष पहले जारी किए गए किसी प्रशासनिक आदेश को अब चुनौती नहीं दी जा सकती। इसका मतलब यह हुआ कि कम्युनिस्ट शासनकाल में अपनी संपत्ति को खोने वाले लोगों को अब कोई मुआवजा नहीं मिलेगा।

इजराइल के प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट ने पोलैंड के राष्ट्रपति डूडा द्वारा इस कानून पर हस्ताक्षर करने को एक शर्मनाक फैसला करार देते हुए होलोकॉस्ट की याद की अवमानना बताया है।

गौरतलब है कि अमेरिका और इजराइल दोनों ही देशों ने पोलैंड से इस कानून को पारित नहीं करने का आग्रह किया था।

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