अब इजराइल को भी दर्जनों फलस्तीनी कैदियों को रिहा करना है।
हमास ने तीनों बंधकों को शनिवार को गाजा में रेड क्रॉस को सौंप दिया। रिहा हुए बंधकों को चिकित्सा उपचार के लिए ले जाया जाएगा और 16 महीने की कैद के बाद उनके परिवार से मिलाया जाएगा।
जिन बंधकों को हमास द्वारा रिहा किया गया उनके नाम एली शरबी (52), ओहद बेन अमी (56) तथा ओर लेवी (34) हैं। इन सभी को सात अक्टूबर 2023 को हमास द्वारा किए गए हमले में बंधक बना लिया गया था।
आज रिहा किए गए बंधकों के बदले में इजराइल 183 फलस्तीनी कैदियों को रिहा करेगा।
रेड क्रॉस को सौंपने से पहले हमास के लड़ाके तीनों बंधकों को सैकड़ों लोगों की भीड़ के सामने ले गए और एक-एक करके तीनों को बोलने के लिए माइक दिया गया। तीनों ने सार्वजनिक रूप से अपना बयान दिया।
बंधकों को सार्वजनिक रूप से बयान दिलवाने के संबंध में इजराइल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा, ‘‘हम शनिवार को हुए चौंकाने वाले दृश्यों को स्वीकार नहीं करेंगे।’’
हालांकि, बयान में किसी दंडात्मक उपाय की बात नहीं की गई है।
यह पहली बार है, जब युद्ध विराम के इस चरण के दौरान मुक्त किये गए बंधकों को उनकी रिहाई के दौरान सार्वजनिक रूप से बयान देने के लिए कहा गया।
इजराइल और हमास के बीच 19 जनवरी को संघर्षविराम शुरू होने के बाद से यह बंधकों के बदले कैदियों की पांचवीं अदला-बदली है। शनिवार से पहले, 18 बंधकों और 550 से अधिक फलस्तीनी कैदियों को रिहा किया गया था।
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