विदेश की खबरें | वेस्ट बैंक में इजराइल के हमले में तीन फलस्तीनियों की मौत, अमेरिका ने बस्ती बसाने की आलोचना की

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. फलस्तीन के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, नाबलुस शहर के समीप बलाटा शरणार्थी शिविर में हमले के दौरान तीन लोगों की मौत हो गयी। छह अन्य लोग हमले में घायल हुए हैं जिनमें से एक की हालत गंभीर है।

श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

फलस्तीन के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, नाबलुस शहर के समीप बलाटा शरणार्थी शिविर में हमले के दौरान तीन लोगों की मौत हो गयी। छह अन्य लोग हमले में घायल हुए हैं जिनमें से एक की हालत गंभीर है।

फलस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास की फतह पार्टी से जुड़े एक अतिवादी समूह अल अक्सा मार्टर्स ब्रिगेड ने मारे गए लोगों की पहचान अपने सदस्यों के रूप में की।

इजराइली सेना ने बाद में बलाटा में सैनिकों द्वारा हमले किए जाने की पुष्टि की। उसने कहा कि सैनिकों पर गोलीबारी की गयी थी और उन्होंने तीन फलस्तीनियों को मार गिराया। सेना ने कहा कि उसने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।

इजराइल ने फलस्तीनी हमलों के जवाब में अपने हमले तेज कर दिए हैं और सोमवार के अभियान में एक घर को निशाना बनाया गया जिसमें हथियार और विस्फोटक बनाए जा रहे थे।

इस बीच, अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन के प्रशासन ने उत्तरी वेस्ट बैंक में पहले खाली करायी गयी होमेश चौकी पर लोगों को फिर से बसाने के लिए रविवार को इजराइल की कड़े शब्दों में निंदा की।

इजराइल सरकार ने वेस्ट बैंक की चार बस्तियों को नष्ट करने वाले 2005 के एक कानून को निरस्त कर दिया था। सप्ताहांत में वेस्ट बैंक में इजराइल के शीर्ष सैन्य जनरल ने एक आदेश पर हस्ताक्षर कर होमेश को एक स्थानीय निवासी क्षेत्रीय परिषद को सौंप दिया जिससे इस चौकी के पुनर्निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो गया।

अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने कब्जे वाले क्षेत्र में बस्तियां बसाने के संबंध में इजराइल की कार्रवाई पर कहा कि अमेरिका ‘बेहद चिंतित’ है। मिलर ने इजराइल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतमान बेन-गवीर के यहूदियों के पवित्र स्थल टेंपल माउंट की यात्रा पर भी चिंता प्रकट की।

इसी विवादित जगह पर अल-अक्सा मस्जिद भी है। मिलर ने एक बयान में कहा, ‘‘इस पवित्र स्थल का इस्तेमाल राजनीतिक उद्देश्यों के लिए नहीं किया जाना चाहिए, और हम सभी पक्षों से इसकी पवित्रता का सम्मान करने का आह्वान करते हैं।’’

चूंकि इजराइल ने 1967 में इस स्थल पर कब्जा कर लिया था, यहूदियों को वहां जाने की अनुमति है, लेकिन वहां वे प्रार्थना नहीं कर सकते।

बेन-गवीर समेत दक्षिणपंथी कार्यकर्ता लंबे समय से इस पवित्र स्थल पर यहूदियों के लिए और ज्यादा पहुंच की अनुमति का आह्वान कर रहे हैं। वहीं, फलस्तीनी मस्जिद को राष्ट्रीय प्रतीक मानते हैं और ऐसी यात्राओं को उकसावे की कार्रवाई मानते हैं। विवादित परिसर को लेकर तनाव के कारण पूर्व में कई बार भीषण हिंसा भड़क चुकी है।

बेन-गवीर की रविवार को टेंपल माउंट परिसर की यात्रा की फलस्तीन और इजराइल के पड़ोसी देश जॉर्डन ने भी आलोचना की।

उधर, उत्तरी शहर जेनिन में देर रात इजराइल के हमले में दो फलस्तीनी मारे गए और तीन को गिरफ्तार कर लिया गया। इजराइली सेना ने कहा कि हमले के जवाब में यह कार्रवाई की गई। इसके अलावा इजराइली सेना ने पांच अन्य जगहों पर हमले किए।

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