विदेश की खबरें | इजराइल ने नए जासूसी उपग्रह के सफल प्रक्षेपण की घोषणा की

इस बीच इजराइली विदेश मंत्रालय ने संकेत दिया कि पिछले सप्ताह एक ईरानी परमाणु संयंत्र में लगी आग के पीछे उनका देश हो सकता है।

अधिकारियों ने कहा कि ओफेक-16 उपग्रह से क्षेत्र में खतरों की निगरानी में मदद मिलेगी। इजराइल में करीब दो दशक से इस तरह के उपग्रह प्रक्षेपित किए जा रहे हैं और ओफेक-16 ऐसे जासूसी उपग्रहों के बेड़े में शामिल हो गया है।

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अधिकारियों ने खास तौर पर किसी खतरे का नाम नहीं लिया लेकिन ईरान संभवत: उनमें से एक है। ईरान और इजराइल में पुरानी शत्रुता है। इजराइल, ईरान पर परमाणु हथियार विकसित करने की कोशिश करने का आरोप लगाता रहा है।

प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने प्रक्षेपण के बाद कहा कि उपग्रह की सफलता से इजराइल के दुश्मनों के खिलाफ पास में या दूर तक कार्रवाई करने की क्षमता बढ़ जाती है। इससे जमीन पर, समुद्र में, हवा में और यहां तक की अंतरिक्ष में भी कार्रवाई करने की हमारी क्षमता बढ़ जाती है।

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इस प्रक्षेपण से एक दिन पहले ही ईरान ने अंतत: स्वीकार किया था कि उसके एक परमाणु केंद्र में रहस्यमयी आग लग गयी थी। उसका संदेह इजराइल की ओर था।

अंतरिक्ष एवं उपग्रह प्रशासन के प्रमुख अमनोम हरारे ने कहा, ‘‘ उपग्रहों के सभी समूहों का इस्तेमाल देश के लिए किसी खतरे की निगरानी करने में किया जाता है, जैसा कि आप जानते हैं कि कभी यह खतरा बहुत दूर होता है और कभी नजदीक, इसके लिए लगातार निगरानी की जरूरत होती है।’’

इजराइल ने इसकी पुष्टि नहीं की है कि उसके कितने उपग्रह चालू स्थिति में हैं लेकिन हरारे ने कम से कम दो उपग्रहों ओफेक 5 और ओफेक 11 का जिक्र किया है। इन दोनों का प्रक्षेपण क्रमश: 2002 और 2016 में किया गया था।

उन्होंने कहा, ‘‘ आप अनुमान लगा सकते हैं कि जब आपके पास आकाश में समानांतर रूप से एक से ज्यादा उपग्रह होते हैं तो आप अपने लक्ष्यों पर ज्यादा बेहतर तरीके से नजर रख सकते हैं।’’

एपी

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