नयी दिल्ली, 26 सितंबर जानीमानी अर्थशास्त्री और भारत के तीसरे सबसे बड़े नागरिक सम्मान पद्म भूषण से सम्मानित इशर जज अहलूवालिया का शनिवार को निधन हो गया। वह 74 वर्ष की थीं। उनके पति मोंटेक सिंह अहलूवालिया योजना आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष हैं।
अहलूवालिया के साथ काम करने वाले एक व्यक्ति ने कहा कि शनिवार को उनका निधन हो गया।
उन्होंने खराब स्वास्थ्य के कारण पिछले महीने अंतरराष्ट्रीय आर्थिक संबंधों पर भारतीय अनुसंधान परिषद (इक्रियर) के चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया था। उनके दो बेटे हैं।
इक्रियर ने निदेशक और मुख्य कार्यकारी रजत कथूरिया ने कहा, ‘‘मैं बिना संदेह के कह सकता हूं कि इक्रियर उनके डीएनए में था।’’
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उन्होंने मैसाचुसेट्स इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नालॉजी (एमआईटी) से पीएचडी, दिल्ली स्कूल ऑफ इकनॉमिक्स से एमए और कोलकाता के प्रेजिडेंसी कॉलेज से बीए (इकनॉमिक्स ऑनर्स) किया था। उनका शोध भारत में शहरी विकास, वृहद-आर्थिक सुधार, औद्योगिक विकास और सामाजिक क्षेत्र के विकास के मुद्दों पर केंद्रित था।
उनके निधन पर पूर्व केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश ने ट्वीट किया, ‘‘इशर अहलूवालिया, जिनका अभी-अभी निधन हुआ है, वह भारत के प्रतिष्ठित अर्थशास्त्रियों में से एक थीं, उन्होंने एमआईटी से पीएचडी की थी और वह एक प्रभावशाली पुस्तक ‘इंडस्ट्रियल ग्रोथ इन इंडिया’ की लेखक थीं। उन्होंने इक्रियर को खड़ा करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया, जो एक बेहतरीन आर्थिक शोध संस्थान है। मोंटेक की पत्नी होने के अलावा उनकी अपनी एक विशिष्ट पहचान थी। ’’
उनकी दो पुस्तकें ‘इंडस्ट्रियल ग्रोथ इन इंडिया: स्टैग्नेशन सिंस द मिड-सिक्सटीज’ (1989, ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस) और ‘प्रोडक्टिविटी एंड ग्रोथ इन इंडियन मैन्युफैक्चरिंग’ (1991, ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस) का आर्थिक साहित्य के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान हैं।
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