विदेश की खबरें | ईरान के राष्ट्रपति ने यूरेनियम संवर्धन को मजबूत करने वाले विधेयक को खारिज किया

रूहानी ने कहा कि विधेयक 2015 के परमाणु समझौते को बहाल करने और अमेरिकी प्रतिबंधों में ढील पर केंद्रित कूटनीतिक प्रयासों के विपरीत है।

पिछले महीने ईरान के एक जाने-माने परमाणु वैज्ञानिक की हत्या के बाद इस विधेयक पर वाकयुद्ध शुरू हो गया था। राष्ट्रपति के कदम को अपेक्षाकृत उदार रूहानी और संसद में प्रभुत्व रखने वाले कट्टरपंथी सांसदों के बीच प्रतिद्वंद्विता का परिणाम माना जा रहा है।

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विधेयक में कहा गया था कि यदि यूरोपीय देश ईरान को अमेरिकी प्रतिबंधों से राहत देने में विफल रहते हैं तो संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों की अनदेखी कर तेहरान को यूरोनियम संवर्धन को बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक ले जाना चाहिए।

मंत्रिमंडल की बैठक में रूहानी ने कहा कि उनका प्रशासन विधेयक से सहमत नहीं है क्योंकि यह 2015 के परमाणु समझौते को बहाल करने और अमेरिकी प्रतिबंधों में ढील पर केंद्रित कूटनीतिक प्रयासों के विपरीत है।

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उल्लेखनीय है कि 2015 में ईरान के साथ हुए समझौते से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका को अलग कर लिया था।

अमेरिका में डेमोक्रेटिक जो बाइडन के राष्ट्रपति चुनाव में जीतने के बाद ईरान संबंधित समझौते के बहाल होने की उम्मीद कर रहा है।

एपी

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