ईरान के गैर-अधिकारिक मुद्रा विनिमय बाजार में रियाल अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 6.0 लाख से भी नीचे के भाव पर आ गई। यह रियाल का अब तक का सबसे निचला स्तर है।
डॉलर के मुकाबले रियाल की लगातार गिरती कीमत को देखते हुए ईरान के लोगों ने मुद्रा विनिमय कार्यालयों के सामने लंबी कतारें लगाई हुई हैं ताकि वे तेजी से कम होते डॉलर को खरीद सकें।
हाल के महीनों में रियाल की कीमत लुढ़कने से ईरान के लोगों की जिंदगी भर की पूंजी लगभग खत्म होने के कगार पर पहुंच गई है। जनवरी में ईरान में मुद्रास्फीति 53.4 प्रतिशत के उच्च स्तर पर पहुंच गई थी।
ऊंची मुद्रास्फीति के बीच स्थानीय मुद्रा के गिरते मूल्य ने लोगों को बुनियादी जरूरतें पूरी करने पर ध्यान केंद्रित करने को मजबूर किया है। इससे विरोध प्रदर्शनों का सामना कर रही ईरान सरकार को फौरी राहत मिल सकती है।
हालांकि सितंबर 2022 में एक युवती की संदिग्ध मौत के बाद देश भर में भड़के सरकार विरोधी प्रदर्शन अभी तक शांत नहीं हुए हैं। इस्लामी लिबास पहनने की सख्ती के खिलाफ शुरू हुए प्रदर्शनों में शिया-समर्थक सरकार को उखाड़ फेंकने के नारे जोर पकड़ने लगे।
हालांकि ईरान सरकार ने इन प्रदर्शनों के लिए विदेशी ताकतों को जिम्मेदार बताया है। संदिग्ध परमाणु कार्यक्रम जारी रखने को लेकर अमेरिका ने ईरान पर कई तरह की पाबंदियां लगाई हुई हैं।
एपी प्रेम
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