विदेश की खबरें | तेहरान के परमाणु कार्यक्रम पर ईरान-अमेरिका वार्ता विटकॉफ और अरागची पर निर्भर
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

वार्ता का दूसरा दौर शनिवार को रोम में होने वाला है।

विकीलीक्स द्वारा मार्च 2008 में जारी किए गए एक संदेश में कहा गया था, ‘‘अरागची एक युवा, मिलनसार, शिष्ट और निपुण राजनयिक हैं। ... जिसे तथ्यों की थोड़ी भी समझ होगी, वह उनकी बात सुनने के बाद यही सोचेगा कि ईरान ने पश्चिम को खुश करने के लिए हरसंभव कोशिश की, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला।’’

शांत शैली अरागची (62) की पहचान रही है, जिन्होंने ईरान के धर्मतंत्र में कट्टरपंथियों और सुधारवादियों के बीच सावधानीपूर्वक संतुलन कायम किया है।

अरागची रिवोल्यूशनरी गार्ड के सदस्य रहे हैं और वह 1980-88 में इराक के खिलाफ युद्ध में लड़े थे। हालांकि, उनकी सेवा के बारे में विवरण सार्वजनिक रूप से ज्ञात नहीं है।

वहीं, 68 वर्षीय विटकॉफ रियल एस्टेट की दुनिया से पूरी तरह राजनीति में कूद पड़े हैं और उन पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की इच्छा के अनुरूप वार्ता को निष्कर्ष तक ले जाने की जिम्मेदारी है।

व्यवसायी और राजनीतिज्ञ के रूप में ट्रंप की पूरी पहचान सौदेबाजी के इर्द-गिर्द घूमती रही है। इस तरह विटकॉफ एक ऐसे व्यक्ति का प्रतिनिधित्व करते हैं जिन्हें वह समझ सकते हैं।

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