जरुरी जानकारी | आईओसी ने उत्तर प्रदेश,, छत्तीसगढ़ में टीबी उन्मूलन परियोजना शुरू की

नयी दिल्ली, 28 दिसंबर सार्वजनिक क्षेत्र की इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) ने बुधवार को कहा कि उसने उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ में तपेदिक (टीबी) रोग के प्रकोप से लड़ने में राज्य के अधिकारियों के साथ सहयोग करने के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।

कंपनी ने बयान में कहा कि गहन टीबी उन्मूलन परियोजना शुरू करने के लिए स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय (एमओएच एंड एफडब्ल्यू) के तहत आने वाले केंद्रीय टीबी डिविजन (सीटीडी) और उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं।

यह समझौता सतत विकास (एसडीजी) लक्ष्य से पांच साल पहले वर्ष 2025 तक भारत में तपेदिक रोग को समाप्त करने के सरकार के दृष्टिकोण का हिस्सा है।

बयान में कहा गया है, ‘‘इस अभियान का उद्देश्य उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ के लोगों को मुफ्त टीबी उपचार, देखभाल और सहायता सेवाओं तक स्थायी और समान पहुंच प्रदान करना है।’’

इस परियोजना के तहत आईओसी उत्तर प्रदेश में आधुनिक डायग्नोस्टिक तकनीक से लैस मोबाइल मेडिकल वैन पेश करेगी, जो ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों के समुदायों में टीबी का निदान करेगी, जिससे शुरुआती मामलों का पता लगाने और उपचार में सुधार होगा।

आईओसी एक लागत प्रभावी डायग्नोस्टिक मशीन ट्रूनेट भी पेश कर रही है, जो दूरस्थ आदिवासी क्षेत्रों में टीबी जांच सेवाओं की पहुंच और उपलब्धता में सुधार करेगी। वह इन मशीनों को उत्तर प्रदेश के आठ आकांक्षी जिलों (बहराइच, बलरामपुर, चंदौली, चित्रकूट, फतेहपुर, श्रावस्ती, सिद्धार्थनगर और सोनभद्र) और छत्तीसगढ़ में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) की सभी क्षय रोग इकाइयों को देगी।

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