नयी दिल्ली, 11 फरवरी देश की सबसे बड़ी पेट्रोलियम कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) के चेयरमैन अरविंदर सिंह साहनी ने मंगलवार को कहा कि कंपनी रूस से ‘स्वच्छ’ कच्चा तेल खरीद रही है, जिससे अमेरिकी प्रतिबंधों का खतरा नहीं है।
फरवरी, 2022 में मॉस्को द्वारा यूक्रेन पर हमला करने के बाद से भारत रूसी कच्चे तेल का दूसरा सबसे बड़ा खरीदार बन गया है, जिसकी खरीद कुल आयातित तेल के एक प्रतिशत से बढ़कर देश की कुल तेल खरीद का लगभग 40 प्रतिशत हो गई है।
यह वृद्धि मुख्यतः इसलिए हुई क्योंकि रूसी कच्चा तेल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कारोबार किए जाने वाले अन्य तेल की तुलना में छूट पर उपलब्ध था तथा यूरोपीय देश मॉस्को से खरीदारी से परहेज कर रहे थे।
भारत ऊर्जा सप्ताह के मौके पर, साहनी ने कहा कि प्रतिबंधों का देश की कच्चे तेल की उपलब्धता या ऊर्जा सुरक्षा पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा और अगर पड़ेगा तो यह बहुत मामूली होगा। मांग को पूरा करने के लिए दुनियाभर में पर्याप्त आपूर्ति उपलब्ध है।
उन्होंने कहा कि अमेरिका ने भारत को तेल की आपूर्ति करने वाली प्रमुख कंपनी रोसनेफ्ट पर प्रतिबंध नहीं लगाया है।
उन्होंने कहा कि रूस द्वारा उपयोग किए जाने वाले लगभग 600 टैंकर में से केवल 183 पर प्रतिबंध लगाया गया है।
उन्होंने कहा कि आगे चलकर भारतीय कंपनियां रूसी तेल के ऐसे अनुबंध पर विचार करेंगी जो स्वच्छ हों और जिसपर प्रतिबंध न लगे।
उन्होंने कहा, ‘‘हम रूसी तेल को डिलिवरी के आधार पर खरीदते हैं, जिसका मतलब है कि आपूर्तिकर्ता परिवहन की व्यवस्था करता है। हमें यह देखना होगा कि रूसी तेल ले जाने वाले टैंकरों पर प्रतिबंध न लगे और उनका उचित बीमा हो, क्योंकि कोई भी बंदरगाह बिना बीमा कवर के किसी भी जहाज को अनुमति नहीं देगा।’’
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