देश की खबरें | मुकदमे की सुनवाई में जांच अधिकारी अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें: अदालत ने दिल्ली पुलिस से कहा

नयी दिल्ली, 17 मई दिल्ली उच्च न्यायालय ने शहर के पुलिस आयुक्त को निर्देश दिया है कि वह संबंधित प्रत्येक मुकदमे की सुनवाई के दौरान मामले की जांच करने वाले अधिकारी की उपस्थिति अदालत में सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाएं।

न्यायमूर्ति रजनीश भटनागर ने यह निर्देश तब दिया जब एक प्राथमिकी रद्द कराए जाने का आग्रह करने वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान उपस्थित पुलिस अधिकारी उनके सवालों का जवाब नहीं दे सका।

अदालत ने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा कि यह सामान्य परंपरा हो गई है कि मुकदमे की सुनवाई के दौरान ऐसा अधिकारी आता है जिसे तथ्यों का कोई ज्ञान नहीं होता जबकि मामले में जांच करने वाला अधिकारी नदारद रहता है।

इसने एक हालिया आदेश में कहा, ‘‘इस मामले को पुलिस आयुक्त के संज्ञान में लाएया जाए, जो तत्काल इस पर कार्रवाई करें और सुनिश्चित करें कि जब भी किसी थाने से जुड़े मुकदमे की सुनवाई होती है तो संबंधित मामले की जांच करने वाला अधिकारी अदालत में उपस्थित रहे।’’

वर्तमान मामले में, याचिकाकर्ता ने अलग रह रही पत्नी की कथित क्रूरता संबंधी प्राथमिकी को समझौते के आधार पर रद्द करने करने का आग्रह किया।

अदालत ने याचिका का निस्तारण कर दिया और समझौते के मद्देनजर प्राथमिकी को यह कहकर निरस्त करने का आदेश दिया कि मामले को लंबित रखने से कोई उपयोगी उद्देश्य पूरा नहीं होगा।

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