देश की खबरें | अंतरराष्ट्रीय न्यायाधिकरण ने इतालवी मामले में भारतीय अधिकारियों के आचरण को सही ठहराया : मंत्रालय
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नयी दिल्ली, दो जुलाई विदेश मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि 2012 में दो इतालवी नौसैनिकों द्वारा दो भारतीय मछुआरों की हत्या के मामले को देख रहे एक अंतरराष्ट्रीय न्यायाधिकरण ने इस घटना पर भारतीय अधिकारियों के आचरण को सही ठहराया है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि न्यायाधिकरण ने यूएनसीएलओस (समुद्र संबंधी कानून पर संयुक्त राष्ट्र संधि) के प्रावधानों के तहत भारतीय अधिकारियों के आचरण को सही पाया है।
भारत ने 15 फरवरी 2012 को केरल तट के पास दो भारतीय मछुआरों की गोली मारकर हत्या करने के मामले में इतालवी तेल टैंकर एमवी एनरिका लेक्सी पर सवार दो इतालवी नौसैनिकों पर आरोप लगाया था।
इस विवाद के संबंध में इटली के अनुरोध पर 26 जून, 2015 को यूएनसीएलओएस की धाराओं के तहत न्यायाधिकरण का गठन किया गया था।
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श्रीवास्तव ने कहा कि न्यायाधिकरण के अनुसार इतालवी सैन्य अधिकारियों की कार्रवाई और उसके परिणामस्वरूप इटली ने यूएनसीएलओएस की विभिन्न धाराओं के तहत भारत की नौवहन स्वतंत्रता का उल्लंघन किया।
श्रीवास्तव ने ऑनलाइन मीडिया ब्रीफिंग में कहा, "न्यायाधिकरण ने पाया कि इस घटना पर भारत और इटली के बीच समवर्ती अधिकार क्षेत्र है और नौसैनिकों के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही के लिए वैध कानूनी आधार है।"
उन्होंने कहा कि न्यायाधिकरण ने नौसैनिकों को हिरासत में रखने के लिए मुआवजे के इटली के दावे को खारिज कर दिया। हालांकि यह पाया कि सरकारी अधिकारियों की तरह नौसिनकों को मिली छूट भारतीय अदालतों के अधिकार क्षेत्र के लिए अपवाद है और इसलिए उन्हें नौसैनिकों के खिलाफ फैसला करने से रोक दिया।
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