जरुरी जानकारी | अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संगठन ने 5जी से संबंधित तीन नयी प्रौद्योगिकियों का आकलन पूरा किया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. भारतीय दूरसंचार मानक विकास सोसायटी (टीएसडीएसआई) की ‘5 जीआई’ सहित 5जी से संबंधित तीन नयी प्रौद्योगिकियों ने ‘सफलता के साथ आकलन’ पूरा कर लिया है। ये प्रदर्शन की कठिन शर्तों पर खतरा उतरी हैं। अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संगठन (आईटीयू) ने एक बयान में इसकी जानकारी दी।

नयी दिल्ली, 29 नवंबर भारतीय दूरसंचार मानक विकास सोसायटी (टीएसडीएसआई) की ‘5 जीआई’ सहित 5जी से संबंधित तीन नयी प्रौद्योगिकियों ने ‘सफलता के साथ आकलन’ पूरा कर लिया है। ये प्रदर्शन की कठिन शर्तों पर खतरा उतरी हैं। अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संगठन (आईटीयू) ने एक बयान में इसकी जानकारी दी।

उसने बयान में कहा कि आईटीयू के रेडियो संचार खंड के द्वारा कई साल तक चलने वाली विकास व परीक्षण प्रक्रिया में इन प्रौद्योगिकियों को रोमिंग समेत परिचालन व उपकरण के लिये वैश्विक रूप से पर्याप्त अनुकूल पाया गया है।

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आईटीयू सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकियों यानी आईसीटी के लिये संयुक्त राष्ट्र की विशिष्टता प्राप्त इकाई है।

यह घटनाक्रम इस लिहाज से महत्वपूर्ण हो जाता है क्योंकि इसमें से एक प्रौद्योगिकी भारत की है। इससे 5जी रेडियो इंटरफेस स्पेसिफिकेशन में भारत के योगदान का पता चलता है।

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इन तीन प्रौद्योगिकियों में तीसरी पीढ़ी की भागीदारी परियोजना (3जीपीपी) के द्वारा प्रस्तुत 3जीपीपी 5जी एसआरआईटी और 3जीपीपी 5जी आरआईटी भी शामिल हैं।

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