जम्मू, 27 जनवरी मां के साथ जेल में कैद पिता से मिलने जा रहे नौ वर्ष के मोहम्मद हुसैन के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी क्योंकि उसे पता था अब पिता से मिलने पर कोई बंदिश नहीं है। दरअसल, प्रशासन ने कोविड-19 महामारी की वजह से कैदियों के परिजनों से ‘मुलाकात’ की व्यवस्था 10 महीने तक बंद रखने के बाद बहाल कर दी है।
‘मुलाकात’ की व्यवस्था के तहत कैदियों को उनके परिजनों से मिलने की अनुमति दी जाती है।
हुसैन जम्मू-कश्मीर के अन्य कई परिवारों में शामिल था जो ‘मुलाकात’ की व्यवस्था बहाल होने के पहले दिन शहर के बीचों-बीच स्थित अम्फाला जिला जेल में बंद अपने परिजनों से मिलने के लिए कतार में खड़े थे।
जेल अधीक्षक मिर्जा सलीम अहमद बेग ने व्यवस्था को बहाल करने को कैदियों एवं उनके परिजनों के लिए गणतंत्र दिवस का उपहार करार दिया।
मुंबई से यहां पिता ऐजाज से मिलने आए हुसैन ने कहा, ‘‘ मैं लंबे समय के बाद पिता को देख रहा हूं।’’
उल्लेखनीय है कि ऐजाज विचाराधीन कैदी है और मई2019 में एनडीपीएस अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया था।
ऐजाज के चार बच्चों में सबसे छोटा और चौथी कक्षा में पढ़ने वाले हुसैन् ने ‘पीटीआई-’ से कहा, ‘‘ महामारी से पहले मैं अपने पिता से मिला था और दोबारा उनसे मिलने के लिए आने पर खुश हूं। हालांकि लॉकडाउन में मैंने कई बार उनसे फोन पर बात की थी।’’
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