नयी दिल्ली, 15 जून भारत का पाम तेल आयात इस साल मई में 14.59 प्रतिशत घटकर 4,39,173 टन रह गया जबकि कच्चे सूरजमुखी तेल का आयात तेजी से बढ़ा। तेल उद्योग निकाय एसईए ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
दुनिया में वनस्पति तेल के खरीदारों में अग्रणी देश भारत ने मई 2022 में 5,14,022 टन पाम तेल का आयात किया था।
हालांकि, देश का कुल वनस्पति तेल आयात इस साल मई में मामूली गिरावट के साथ 10,58,263 टन रहा, जो एक साल पहले की समान अवधि में 10,61,416 टन था। देश के कुल वनस्पति तेल आयात में पाम तेल की हिस्सेदारी करीब 59 प्रतिशत की है।
सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन (एसईए) के अनुसार, तेल वर्ष 2022-23 में नवंबर-मई के दौरान पाम तेल उत्पादों का आयात तेजी से बढ़कर 53,48,396 टन हो गया, जबकि एक साल पहले की अवधि में यह आयात 37,39,783 टन था।
एसईए के कार्यकारी निदेशक बी वी मेहता ने एक बयान में कहा, ‘‘कुल खाद्य वनस्पति तेल आयात में पामतेल की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत से बढ़कर 59 प्रतिशत हो गई, जबकि नरम तेल (सॉफ्ट आयल) का आयात घट गया। हालांकि, पिछले दो महीनों में सूरजमुखी और सोयाबीन के तेल की खेप तेजी से बढ़ी है।’’
एसईए के आंकड़ों के मुताबिक, पाम ऑयल उत्पादों में क्रूड पाम ऑयल (सीपीओ) का आयात इस साल मई में घटकर 3.48 लाख टन रह गया, जो साल भर पहले की अवधि में 4.09 लाख टन था।
इसी तरह, आरबीडी पामोलिन का आयात एक लाख टन से घटकर 85,205 टन रह गया, जबकि कच्चे पाम कर्नेल तेल (सीपीकेओ) का आयात मई के 4,265 टन से बढ़कर 5,850 टन हो गया।
नरम तेलों में, सोयाबीन तेल का आयात इस साल मई में घटकर 3.18 लाख टन रह गया, जबकि 2022 की समान अवधि में यह 3.73 लाख टन था।
मई 2022 के 1.18 लाख टन के मुकाबले सूरजमुखी तेल का आयात इस बार तेजी से बढ़कर 2.95 लाख टन हो गया।
एसईए के मुताबिक, इस साल एक जून को खाद्य तेलों का स्टॉक 7.38 लाख टन होने का अनुमान है और करीब 22.03 लाख टन खाद्यतेल पाइपलाइन में है।
भारत मुख्य रूप से इंडोनेशिया और मलेशिया से पाम तेल का आयात करता है, और अर्जेंटीना से सोयाबीन सहित कच्चे नरम तेल की एक छोटी मात्रा का आयात करता है। सूरजमुखी का तेल यूक्रेन और रूस से आयात किया जाता है।
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