देश की खबरें | वर्ष 2025 तक टीबी उन्मूलन के भारत के प्रयास दुनिया के लिए आदर्श: जितेंद्र सिंह

जम्मू, 17 सितंबर केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा है कि ‘‘टीबी मुक्त भारत’’ का लक्ष्य हासिल करने के लिए एकीकृत रणनीति के साथ ‘सार्वजनिक-निजी भागीदारी’ (पीपीपी) आवश्यक है।

सिंह ने रविवार को एक कार्यक्रम में कहा कि वर्ष 2025 तक तपेदिक (टीबी) को खत्म करने के भारत के प्रयास दुनिया के लिए एक आदर्श हैं।

प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह श्री माता वैष्णो देवी (एसएमवीडी) नारायण हेल्थकेयर ‘‘टीबी-मुक्त एक्सप्रेस’’ को हरी झंडी दिखाने के बाद बोल रहे थे। यह एक सचल चिकित्सा वाहन है जो उनके संसदीय क्षेत्र उधमपुर के विभिन्न गांवों में जाएगी। इसका नारा ‘चलो चलें टीबी को हराएं’ है।

इस कार्यक्रम का आयोजन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर किया गया। सिंह ने कहा, ‘‘वर्ष 2025 तक टीबी उन्मूलन का भारत का प्रयास दुनिया के लिए एक आदर्श है। नागरिकों को 'जनभागीदारी' की सच्ची भावना से टीबी उन्मूलन की दिशा में सामूहिक रूप से काम करने की जरूरत है।’’

उन्होंने कहा कि तपेदिक के कारण होने वाले गहरे सामाजिक और आर्थिक प्रभाव को देखते हुए, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले केंद्र ने 2025 तक ‘‘टीबी मुक्त भारत’’ को उच्च प्राथमिकता दी है।

मंत्री ने कहा, ‘‘जैव प्रौद्योगिकी तपेदिक के उन्मूलन की दिशा में एकीकृत समग्र स्वास्थ्य देखभाल दृष्टिकोण में एक बड़ी भूमिका निभाने जा रही है।’’

उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र को शामिल करना, सक्रिय मामलों का पता लगाना, स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्रों के माध्यम से सेवाओं का विकेंद्रीकरण, सामुदायिक जुड़ाव और ‘नि-क्षय’ पोषण योजना जैसी रणनीतियों ने भारत के तपेदिक प्रबंधन प्रयासों को परिवर्तित कर दिया है और इसे रोगी केंद्रित बना दिया है।

सिंह ने प्रधानमंत्री के तपेदिक-मुक्त भारत के दृष्टिकोण के परिप्रेक्ष्य में अपने निर्वाचन क्षेत्र में उनके द्वारा गोद लिये गए टीबी रोगियों के बीच दैनिक जरूरत संबंधी किट वितरित किए।

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