जरुरी जानकारी | श्रीलंका के चाय उत्पादन में कमी को पूरा कर सकते हैं भारतीय उत्पादक : चाय संघ

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. आर्थिक संकट का सामना कर रहे श्रीलंका में चाय का उत्पादन गिर गया है और इस कमी को भारत पूरा कर सकता है। उद्योग निकाय भारतीय चाय संघ (टीएआई) ने यह बात कही है।

एजेंसी न्यूज Bhasha|
जरुरी जानकारी | श्रीलंका के चाय उत्पादन में कमी को पूरा कर सकते हैं भारतीय उत्पादक : चाय संघ

कोलकाता, 14 सितंबर आर्थिक संकट का सामना कर रहे श्रीलंका में चाय का उत्पादन गिर गया है और इस कमी को भारत पूरा कर सकता है। उद्योग निकाय भारतीय चाय संघ (टीएआई) ने यह बात कही है।

टीएआई के महासचिव पी के भट्टाचार्य ने कहा कि श्रीलंका से उत्पादन में जो कमी हुई है उसकी भरपाई भारत कर सकता है और इसका संकेत है भारतीय चाय उत्पा�re-2104370.html" title="https://hindi.latestly.com/socially/photos/the-laughter-echoed-again-in-sidhu-moosewalas-house-mother-charan-kaur-gave-birth-to-a-son-see-the-first-picture-2104370.html"> BREAKING: सिद्धू मूसेवाला के घर फिर गूंजी किलकारी, मां चरण कौर ने दिया बेटे को जन्म, देखें पहली तस्वीर BREAKING: सिद्धू मूसेवाला के घर फिर गूंजी किलकारी, मां चरण कौर ने दिया बेटे को जन्म, देखें पहली तस्वीर

Close
Search

जरुरी जानकारी | श्रीलंका के चाय उत्पादन में कमी को पूरा कर सकते हैं भारतीय उत्पादक : चाय संघ

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. आर्थिक संकट का सामना कर रहे श्रीलंका में चाय का उत्पादन गिर गया है और इस कमी को भारत पूरा कर सकता है। उद्योग निकाय भारतीय चाय संघ (टीएआई) ने यह बात कही है।

एजेंसी न्यूज Bhasha|
जरुरी जानकारी | श्रीलंका के चाय उत्पादन में कमी को पूरा कर सकते हैं भारतीय उत्पादक : चाय संघ

कोलकाता, 14 सितंबर आर्थिक संकट का सामना कर रहे श्रीलंका में चाय का उत्पादन गिर गया है और इस कमी को भारत पूरा कर सकता है। उद्योग निकाय भारतीय चाय संघ (टीएआई) ने यह बात कही है।

टीएआई के महासचिव पी के भट्टाचार्य ने कहा कि श्रीलंका से उत्पादन में जो कमी हुई है उसकी भरपाई भारत कर सकता है और इसका संकेत है भारतीय चाय उत्पादकों की परंपरागत किस्म की चाय के दाम में हुई वृद्धि। नीलामी में भारतीय चाय के दाम 75 रुपये प्रति किलोग्राम से बढ़कर 100 रुपये किलोग्राम हो गए हैं।

भारत प्रतिवर्ष करीब 11-12 करोड़ किलो परंपरागत चाय का उत्पादन करता है।

टीएआई के मुताबिक, जुलाई, 2022 तक श्रीलंका में परंपरागत चाय का उत्पादन 2021 की तुलना में करीब 19 प्रतिशत घट गया। भट्टाचार्य ने कहा कि श्रीलंका में आर्थिक संकट की वजह से परंपरागत चाय उत्पादन घटा है और यदि ऐसा चलता रहेगा तो श्रीलंका में इसका उत्पादन करीब 10 करोड़ किलो तक घट सकता है और इसकी कमी भारतीय चाय उत्पादक पूरी कर सकते हैं।

संघ ने कहा कि भारतीय चाय के निर्यात में जुलाई 2022 तक करीब नौ प्रतिशत की वृद्धि हुई और इस साल में चाय का कुल निर्यात 20 करोड़ किलोग्राम तक हो सकता है।

स्वतंत्र राष्ट्रों के राष्ट्रकुल (सीआईएस) देशों के बाद संयुक्त अरब अमीरात भारतीय चाय का सबसे बड़ा उपभोक्ता है जिसने जनवरी से जून के बीच 1.58 करोड़ किलो चाय का आयात किया। इससे एक साल पहले उसने 67.6 लाख किलो आयात किया था।

ईरान ने इस अवधि में 1.14 करोड़ किलो आयात किया जो पिछले वर्ष के 1 करोड़ किलोग्राम से अधिक है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

LSG vs PBKS IPL 2025, Lucknow Weather & Pitch Report: एकाना क्रिकेट स्टेडियम में रन बरसाएंगे लखनऊ सुपर जायंट्स और पंजाब किंग्स के खिलाड़ी या बारिश बिगाड़ेगी खेल? जानिए कैसा रहेगा मौसम और पिच का मिजाज ly.com%2Fagency-news%2Findian-producers-can-make-up-for-sri-lankas-shortfall-in-tea-production-tea-associationr-1508931.html" title="Share by Email">
एजेंसी न्यूज Bhasha|
जरुरी जानकारी | श्रीलंका के चाय उत्पादन में कमी को पूरा कर सकते हैं भारतीय उत्पादक : चाय संघ

कोलकाता, 14 सितंबर आर्थिक संकट का सामना कर रहे श्रीलंका में चाय का उत्पादन गिर गया है और इस कमी को भारत पूरा कर सकता है। उद्योग निकाय भारतीय चाय संघ (टीएआई) ने यह बात कही है।

टीएआई के महासचिव पी के भट्टाचार्य ने कहा कि श्रीलंका से उत्पादन में जो कमी हुई है उसकी भरपाई भारत कर सकता है और इसका संकेत है भारतीय चाय उत्पादकों की परंपरागत किस्म की चाय के दाम में हुई वृद्धि। नीलामी में भारतीय चाय के दाम 75 रुपये प्रति किलोग्राम से बढ़कर 100 रुपये किलोग्राम हो गए हैं।

भारत प्रतिवर्ष करीब 11-12 करोड़ किलो परंपरागत चाय का उत्पादन करता है।

टीएआई के मुताबिक, जुलाई, 2022 तक श्रीलंका में परंपरागत चाय का उत्पादन 2021 की तुलना में करीब 19 प्रतिशत घट गया। भट्टाचार्य ने कहा कि श्रीलंका में आर्थिक संकट की वजह से परंपरागत चाय उत्पादन घटा है और यदि ऐसा चलता रहेगा तो श्रीलंका में इसका उत्पादन करीब 10 करोड़ किलो तक घट सकता है और इसकी कमी भारतीय चाय उत्पादक पूरी कर सकते हैं।

संघ ने कहा कि भारतीय चाय के निर्यात में जुलाई 2022 तक करीब नौ प्रतिशत की वृद्धि हुई और इस साल में चाय का कुल निर्यात 20 करोड़ किलोग्राम तक हो सकता है।

स्वतंत्र राष्ट्रों के राष्ट्रकुल (सीआईएस) देशों के बाद संयुक्त अरब अमीरात भारतीय चाय का सबसे बड़ा उपभोक्ता है जिसने जनवरी से जून के बीच 1.58 करोड़ किलो चाय का आयात किया। इससे एक साल पहले उसने 67.6 लाख किलो आयात किया था।

ईरान ने इस अवधि में 1.14 करोड़ किलो आयात किया जो पिछले वर्ष के 1 करोड़ किलोग्राम से अधिक है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

शहर पेट्रोल डीज़ल
New Delhi 96.72 89.62
Kolkata 106.03 92.76
Mumbai 106.31 94.27
Chennai 102.74 94.33
View all
Currency Price Change
Google News Telegram Bot
  • साउथ