नयी दिल्ली, 20 अगस्त इंडियन ओवरसीज बैंक (आईओबी) को चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही में 121 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ। मुख्य रूप से फंसे कर्ज में कमी से बैंक को लाभ हुआ है।
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक को एक साल पहले 2019-20 की इसी तिमाही में 342.08 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ था।
आईओबी ने बृहस्पतिवार को शेयर बाजार को दी सूचना में कहा कि इससे पूर्व मार्च, 2020 को समाप्त तिमाही में उसे 144 करोड़ रुपये का लाभ हुआ था।
बैंक की कुल आय चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में बढ़कर 5,233.63 करोड़ रुपये रही जो एक साल पहले इसी तिमाही में 5,006.48 करोड़ रुपये रही थी।
तिमाही के दौरान प्रावधान और आकस्मिक व्यय के लिये 969.52 करोड़ रुपये रखे गये जो एक साल पहले 2019-20 की पहली तिमाही में 1,157.82 करोड़ रुपये था। फंसे कर्ज में कमी से बैंक को कम प्रावधान रखना पड़ा।
आईओबी का सकल एनपीए (गैर-निष्पादित परिसंपत्ति) जून, 2020 को समाप्त तिमाही में सकल कर्ज का 13.90 प्रतिशत रहा जो एक साल पहले इसी तिमाही में 22.53 प्रतिशत था। राशि के हिसाब से सकल एनपीए या फंसा कर्ज घटकर चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 18,290.84 करोड़ रुपये पर आ गया जो एक साल पहले इसी तिमाही में 33,262 करोड़ रुपये था।
इसी प्रकार, बैंक का शुद्ध एनपीए आलोच्य तिमाही में घटकर 5.10 प्रतिशत (6,080.89 करोड़ रुपये) पर आ गया जो एक साल पहले 2019-20 की इसी तिमाही में 11.04 प्रतिशत (14,173.84 करोड़ रुपये) था।
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