देश की खबरें | भारतीय नौसेना ने एक वर्ष में 230 से अधिक व्यापारिक जहाजों को सुरक्षा प्रदान की

नयी दिल्ली, 26 दिसंबर पश्चिमी अरब सागर में मालवाहक जहाजों पर हूती आतंकवादियों के हमलों और समुद्री डकैती की बढ़ती घटनाओं के मद्देनजर, भारतीय नौसेना ने पिछले एक साल में 30 से अधिक जहाजों को तैनात किया है और 25 से अधिक घटनाओं पर कार्रवाई की है, जिससे 400 से अधिक लोगों की जान बचायी जा सकी। रक्षा मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

नौसेना ने वर्ष के अंत में की गई एक समीक्षा में कहा कि उसने 4 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक मूल्य के 90 लाख मीट्रिक टन से अधिक माल का परिवहन करने वाले 230 से अधिक व्यापारिक जहाजों को सुरक्षा प्रदान की।

हूती आतंकवादियों ने पूरे वर्ष लाल सागर में बड़ी संख्या में व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाया, जिसका उद्देश्य परोक्ष तौर पर इजराइल पर इसका दबाव बनाना था कि वह गाजा में अपने सैन्य हमले को रोक दे।

रणनीतिक जलक्षेत्र में विभिन्न जहाजों के हमलों का सामना करने के बाद भारतीय नौसेना ने उन्हें सहायता प्रदान की।

इजराइल-हमास संघर्ष के मद्देनजर, भारतीय नौसेना ने समुद्री सुरक्षा अभियान शुरू किया है और पोतों की तैनाती करना जारी रखा है। नौसेना ने भारतीय ध्वज वाले व्यापारिक जहाजों और भारत के लिए महत्वपूर्ण वस्तुओं का परिवहन करने वाले जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उन पर बारीक नजर रखी।

मंत्रालय ने कहा, ‘‘पिछले एक साल में, हूती आतंकवादियों के जहाजों पर हमलों और पश्चिमी अरब सागर में समुद्री डकैती की बढ़ती घटनाओं के जवाब में, भारतीय नौसेना ने इस क्षेत्र में 30 से अधिक जहाजों को तैनात किया है और 25 से अधिक घटनाओं पर कार्रवाई की है।’’

उसने कहा, ‘‘भारतीय नौसेना की विश्वसनीय और त्वरित कार्रवाई चालक दल की राष्ट्रीयता की परवाह किए बिना की गई जिससे 400 से अधिक लोगों की जान बचाई जा सकी। नवंबर 2024 तक, भारतीय नौसेना ने 230 से अधिक व्यापारिक जहाजों को सुरक्षा प्रदान की है, जो 90 लाख मीट्रिक टन से अधिक माल का परिवहन कर रहे थे, जिसका मूल्य चार अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक है।’’

मंत्रालय ने कहा कि नौसेना के प्रयासों को अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर "प्रशंसा" मिली है, जिससे ‘पसंदीदा सुरक्षा साझेदार’ और ‘प्रथम प्रतिक्रियाकर्ता’ के रूप में इसकी स्थिति मजबूत हुई है।

रिपोर्ट में नौसेना के आधुनिकीकरण कार्यक्रम पर भी प्रकाश डाला गया है।

इसमें कहा गया है कि बल में 64 युद्धपोतों को शामिल किए जाने की योजना बनायी गई है जिनमें से 63 भारत में बनाए जा रहे हैं।

मंत्रालय ने कहा, ‘‘भारत में अब तक 133 से अधिक जहाजों/पनडुब्बियों का निर्माण और उन्हें सेवा में शामिल किया जा चुका है। भारतीय नौसेना रक्षा निर्माण में आत्मनिर्भरता का समर्थन करके घरेलू जहाज निर्माण उद्योग के विकास को गति दे रही है।’’

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