वाशिंगटन, 15 अक्टूबर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि विश्व स्तर पर प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद चालू वित्त वर्ष में भारत की अर्थव्यवस्था वृद्धि के पथ पर बढ़ती रहेगी और इसके सात फीसदी की दर से वृद्धि करने का अनुमान है।
अंतरराष्ट्रीय मौद्रिक वित्तीय समिति (आईएमएफसी) के पूर्ण सत्र के दौरान सीतारमण ने कहा कि यह बैठक ऐसे समय हो रही है जब वैश्विक आर्थिक परिदृश्य बड़ी अर्थव्यवस्थाओं की वृद्धि में गिरावट, भू-राजनीतिक परिस्थितियों के प्रभाव, खाद्य एवं ऊर्जा कीमतों में वृद्धि से बढ़ते मुद्रास्फीतिकारी दबाव जैसे जोखिमों का सामना कर रहा है और जिनसे संवेदनशील अर्थव्यवस्थाएं प्रभावित हो रही हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘वैश्विक स्तर पर प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था बढ़ती रहेगी और 2022-23 में सात फीसदी की दर से वृद्धि करेगी। यह अनुकूल नीतिगत माहौल और वृद्धि को बढ़ावा देने के लिए अहम ढांचागत सुधारों पर सरकार के जोर देने की वजह से है।’’
वित्त मंत्री ने आईएमएफसी के सदस्यों से कहा कि भारत सरकार ने मुद्रास्फीति प्रबंधन को जारी रखते हुए वृद्धि की रक्षा करने के लिए कदम उठाए हैं। सरकार ने बीते 25 महीनों से 80 करोड़ से अधिक संवदेनशील परिवारों के लिए नि:शुल्क खाद्यान्न उपलब्धता सुनिश्चित की है।
उन्होंने कहा कि वित्तीय सेवाओं की अंतिम छोर पर और गरीबों तक पहुंच सरकार के लिए अहम प्राथमिकता है तथा इसे भारत की डिजिटल सार्वजनिक वस्तु अवसंरचना से मदद मिली है।
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