मुंबई, 13 दिसंबर देश के बैंकों ने अपनी अनुषंगी इकाइयों के जरिये विदेशों में अपनी मौजूदगी बढ़ायी है। विदेशों में कार्यरत ऐसी इकाइयों की संख्या बीते वित्त वर्ष 2022-23 में बढ़कर 417 हो गयी जो इससे पिछले वित्त वर्ष में 399 थी।
भारतीय रिजर्व बैंक के बैंक सेवाओं में अंतरराष्ट्रीय व्यापार 2022-23 पर बुधवार को जारी सर्वे में यह भी कहा गया है कि बैंकों के कर्मचारियों की संख्या भी विदेशी शाखाओं और अनुषंगी इकाइयों के जरिये क्रमश: 0.5 प्रतिशत और 6.2 प्रतिशत बढ़ी।
आरबीआई के सर्वे में उन 14 भारतीय बैंकों को शामिल किया गया है, जिनकी विदेशों में शाखाएं और अनुषंगी इकाइयां हैं। इसके अलावा, इसमें 44 विदेशी बैंकों को भी शामिल किया गया है, जिनकी शाखाएं या अनुषंगी इकाइयां भारत में हैं।
दूसरी तरफ, विदेशी बैंकों की भारत में शाखाएं और कर्मचारियों की संख्या में 2022-23 के दौरान कमी आई है।
आरबीआई ने कहा, ‘‘आलोच्य वर्ष के दौरान जमा राशि जुटाने के साथ-साथ कर्ज देने की गतिविधियों में वृद्धि के कारण भारतीय बैंकों के विदेशी कारोबार का विस्तार हुआ।'’’
वहीं, भारत में एक प्रमुख विदेशी बैंक के खुदरा कारोबार को घरेलू निजी क्षेत्र के बैंक में स्थानांतरित करने से विदेशी बैंकों की कुल जमा और कर्ज में गिरावट आई। जबकि 2022-23 के दौरान उनकी पूंजी और निवेश में वृद्धि हुई।
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