नयी दिल्ली, 16 मार्च भारत बुधवार को आतंकवाद और उग्रवाद के खतरे से निपटने के लिए एक व्यापक रणनीति तैयार करने के वास्ते 10 देशों के संगठन आसियान और उसके कुछ वार्ता साझेदारों के दो दिवसीय सम्मेलन की मेजबानी करेगा। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि आसियान रक्षा मंत्रियों की ‘मीटिंग-प्लस’ (एडीएमएम-प्लस) तंत्र के ढांचे के तहत आतंकवाद निरोध पर विशेषज्ञ कार्य समूह (ईडब्ल्यूजी) के सम्मेलन में उभरते क्षेत्रीय सुरक्षा परिदृश्य पर भी विचार-विमर्श होने की उम्मीद है।
एडीएमएम-प्लस एक मंच है जिसमें 10 देशों का आसियान (दक्षिण-पूर्व एशियाई राष्ट्रों का संगठन) और उसके आठ वार्ता साझेदार - भारत, चीन, ऑस्ट्रेलिया, जापान, न्यूजीलैंड, कोरिया गणराज्य, रूस और अमेरिका शामिल हैं।
दिल्ली में आयोजित होने वाले ईडब्ल्यूजी सम्मेलन की अध्यक्षता भारत और मलेशिया संयुक्त रूप से करेंगे।
रक्षा मंत्रालय ने कहा कि बैठक में 10 आसियान सदस्यों और समूह के आठ वार्ता साझेदारों के प्रतिनिधिमंडल के साथ-साथ तिमोर लेस्ते और आसियान सचिवालय भी भाग लेंगे।
इसमें कहा गया है, ‘‘भारत पहली बार आतंकवाद-रोधी ईडब्ल्यूजी की सह-अध्यक्षता करेगा।’’
रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह बुधवार को सम्मेलन के उद्घाटन समारोह को संबोधित करेंगे।
यह 2024-2027 तक चलने वाले चक्र के लिए आतंकवाद-रोधी गतिविधियों पर ईडब्ल्यूजी द्वारा नियोजित गतिविधियों की पहली बैठक होगी।
मंत्रालय ने बताया, ‘‘चर्चा आतंकवाद और उग्रवाद के उभरते खतरे से निपटने के लिए एक मजबूत और व्यापक रणनीति विकसित करने पर केंद्रित होगी।’’
धीरज रंजन
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