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जरुरी जानकारी | भारत, अमेरिका व्यापार समझौते की रूपरेखा को इस सप्ताह देंगे अंतिम रूपः अधिकारी

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. भारत और अमेरिका मंगलवार से शुरू होने वाली तीन-दिवसीय वार्ता के दौरान प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) की रूपरेखा, वार्ता के कार्यक्रम और संदर्भ की शर्तों को अंतिम रूप देंगे। एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी।

जरुरी जानकारी | भारत, अमेरिका व्यापार समझौते की रूपरेखा को इस सप्ताह देंगे अंतिम रूपः अधिकारी

नयी दिल्ली, 24 मार्च भारत और अमेरिका मंगलवार से शुरू होने वाली तीन-दिवसीय वार्ता के दौरान प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) की रूपरेखा, वार्ता के कार्यक्रम और संदर्भ की शर्तों को अंतिम रूप देंगे। एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी।

अधिकारी ने कहा कि द्विपक्षीय व्यापार समझौते को दो चरणों में अंतिम रूप दिया जाएगा। पहले चरण में वस्तु व्यापार से संबंधित मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने की उम्मीद है। इस सप्ताह के अंत तक इस पर पूरी तरह से स्पष्टता आ जाने की संभावना है।

अधिकारी ने कहा कि अमेरिका के विकसित अर्थव्यवस्था होने से भारत के साथ होने वाला यह व्यापार समझौता सीमा शुल्क, विनियमन और आर्थिक एकीकरण में अधिक पूर्वानुमान लेकर आएगा।

अधिकारी ने कहा कि एक अच्छा व्यापार सौदा ‘‘बहुत सारे दोतरफा व्यापार और निवेश’’ के लिए अधिक तालमेल पैदा कर सकता है।

समझौते पर औपचारिक रूप से बातचीत शुरू करने के लिए अमेरिका के दक्षिण और पश्चिम एशिया के लिए सहायक व्यापार प्रतिनिधि ब्रेंडन लिंच एक टीम के साथ 25-29 मार्च तक भारत का दौरा करेंगे।

लिंच की यात्रा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से भारत पर जवाबी सीमा शुल्क लगाने की घोषणा के बीच हो रही है। ट्रंप ने दो अप्रैल से यह शुल्क लगाने की घोषणा की है।

अधिकारी ने कहा कि तीन दिवसीय विचार-विमर्श के दौरान दोनों पक्ष बीटीए की रूपरेखा को अंतिम रूप देंगे और संदर्भ की शर्तों पर चर्चा करेंगे। दोनों देश वर्ष 2025 की शरद ऋतु तक समझौते के पहले चरण या किस्त को पूरा करने का लक्ष्य बना रहे हैं।

हालांकि, अधिकारी ने स्पष्ट किया कि इस सप्ताह की बातचीत वार्ता का पहला दौर नहीं है। अधिकारी ने कहा, ‘‘हम वार्ता के कार्यक्रम को अंतिम रूप देने की कोशिश करेंगे कि हम पहले दौर, दूसरे दौर को किस तरह शुरू करेंगे।’’

आमतौर पर इस तरह के व्यापार समझौतों में दो देश आपसी व्यापार वाले अधिकतम (90-95 प्रतिशत) उत्पादों पर आयात शुल्क में उल्लेखनीय कमी करते हैं या उसे खत्म कर देते हैं। इसके अलावा, सेवाओं में व्यापार को बढ़ावा देने और निवेश को बढ़ावा देने के लिए मानदंडों को भी आसान बनाया जाता है।

जहां अमेरिका ने कुछ औद्योगिक वस्तुओं, वाहन, शराब और कृषि जैसे क्षेत्रों में अधिक बाजार पहुंच की मांग की है वहीं भारत कपड़ा जैसे श्रम-बहुल क्षेत्रों के लिए शुल्क में कटौती पर विचार कर सकता है।

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(The above story first appeared on LatestLY on Mar 24, 2025 08:24 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).