देश की खबरें | भारत, अमेरिका ने कोविड-19 से मिलकर लड़ने के लिए सहयोग बढ़ाने का संकल्प लिया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. भारत और अमेरिका ने मंगलवार को कोविड-19 महामारी से निपटने के लिए टीका, बीमारी के निदान, वेंटिलेटरों और अन्य आवश्यक चिकित्सा उपकरणों के विकास में सहयोग को मजबूत कर साझेदारी को प्रगाढ़ बनाने का संकल्प लिया।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 27 अक्टूबर भारत और अमेरिका ने मंगलवार को कोविड-19 महामारी से निपटने के लिए टीका, बीमारी के निदान, वेंटिलेटरों और अन्य आवश्यक चिकित्सा उपकरणों के विकास में सहयोग को मजबूत कर साझेदारी को प्रगाढ़ बनाने का संकल्प लिया।

विदेश मंत्री एस जयशंकर और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह तथा अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो एवं रक्षा मंत्री मार्क टी एस्पर के बीच टू प्लस टू वार्ता के तीसरे संस्करण में कोविड-19 के उच्च गुणवत्ता वाले, सुरक्षित, प्रभावी तथा किफायती टीके तक पहुंच और वैश्विक स्तर पर उपचार को संयुक्त रूप से बढ़ावा देने की जरूरत रेखांकित की गयी।

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वार्ता के बाद जारी संयुक्त वक्तव्य में मंत्रियों ने भारत और अमेरिका के बीच कोविड-19 महामारी से उभरती चुनौतियों का सामना करने में अनुकरणीय सहयोग की प्रशंसा की।

बयान में कहा गया, ‘‘उन्होंने टीके, उपचार, निदान, वेंटिलेटर और अन्य आवश्यक चिकित्सा उपकरणों के विकास में सहयोग मजबूत करने का अपना संकल्प दोहराया।’’

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अनुसंधान और विकास में द्विपक्षीय साझेदारी तथा दोनों देशों की क्षमताओं के अनुरूप टीकों के उत्पादन को रेखांकित करते हुए मंत्रियों ने कोविड-19 के उच्च गुणवत्ता वाले, सुरक्षित, प्रभावी और किफायती टीके तक पहुंच एवं वैश्विक स्तर पर उपचार को संयुक्त रूप से प्रोत्साहित करने की जरूरत बताई।

वार्ता में भारत ने अमेरिका अंतरराष्ट्रीय विकास एजेंसी (यूएसएड) द्वारा इंडियन रेडक्रॉस सोसाइटी को 200 वेंटिलेटर मुहैया कराये जाने की प्रशंसा की, वहीं अमेरिकी पक्ष ने भारत द्वारा निजी सुरक्षा उपकरणों (पीपीई), आवश्यक दवाओं आदि के अमेरिका को निर्यात किये जाने की सराहना की।

पोम्पियो ने मीडिया से बातचीत में कहा कि महामारी से निपटने के संयुक्त प्रयासों पर व्यापक बातचीत हुई।

उन्होंने कहा कि अमेरिकी स्वास्थ्य एजेंसियां कोविड-19 से निपटने में भारत की सरकार और साझेदारों के साथ मिलकर काम कर रही हैं।

पोम्पियो ने कहा कि भारतीय कंपनियां दुनियाभर में निम्न और मध्यम आयवर्ग वाले देशों के इस्तेमाल के लिए रेमडेसिविर के उत्पादन के लिहाज से गिलीड कंपनी के साथ मिलकर काम कर रही हैं।

अनेक अमेरिकी और भारतीय कंपनियां संभावित प्रभावी टीके के परीक्षण और उत्पादन की दिशा में काम कर रही हैं।

संयुक्त वक्तव्य में कहा गया कि मंत्रियों ने भारतीय स्वास्थ्य मंत्रालय और अमेरिका के स्वास्थ्य और मानव सेवा विभाग के बीच एक अति महत्वपूर्ण एमओयू के परिणामों को लेकर आशा व्यक्त की।

चारों मंत्रियों ने कोविड-19 समेत संक्रामक बीमारियों और अन्य उभरते खतरों पर ध्यान केंद्रित करते हुए एक अंतरराष्ट्रीय अनुसंधान उत्कृष्टता केंद्र के माध्यम से साझेदारी के लिए भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) एवं अमेरिकी नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एलर्जी एंड इन्फेक्शस डिजीज के बीच सहमति-पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर करने को लेकर भी आशा व्यक्त की।

विदेश और रक्षा मंत्रियों ने महामारी के दौरान दोनों देशों से फंसे हुए भारतीय और अमेरिकी नागरिकों की वापसी के प्रयासों की भी सराहना की।

बयान के अनुसार वार्ता में भारत की नयी राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 का स्वागत किया गया जिससे दोनों देशों के शैक्षणिक संस्थानों के बीच सहयोग में विस्तार का रास्ता साफ होगा।

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