जरुरी जानकारी | भारत में गैस के बुनियादी ढांचा क्षेत्र में 66 अरब डॉलर का निवेश अनुमानित: प्रधान

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नयी दिल्ली, दो दिसंबर पेट्रोलियम मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने बुधवार को कहा कि कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने के लिये स्वच्छ ईंधन पर सरकार के जोर के बीच भारत में गैस ढांचागत सुविधाओं में 66 अरब डॉलर के निवेश का अनुमान है।

सरकार ने 2030 तक ऊर्जा क्षेत्र में प्राकृतिक गैस की हिस्सेदारी बढ़ाकर 15 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा है जो फिलहाल 6.3 प्रतिशत है।

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इससे गैस खपत में कई गुणा वृद्धि की उम्मीद है जो फिलहाल 16 से 17 करोड़ घन मीटर मीटर प्रतिदिन है।

प्रधान ने केपीएमजी इंडिया के सालाना ऊर्जा सम्मेलन ‘एनरिच 2020’ में कहा कि इसके लिये तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) आयात क्षमता बढ़ायी जा रही है। ईंधन परिवहन के लिये नई पाइपलाइन बिछायी जा रही है और ईंधन उपभोक्ताओं तक पहुंचाने के लिये शहरों में गैस ढांचागत सुविधाओं का विस्तार किया गया है।

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प्रधान ने कहा, ‘‘गैस बुनियादी ढांचा में 66 अरब डॉलर का निवेश अनुमानित है। इसमें पाइपलाइन, सिटी गैस वितरण और एलएनजी को फिर से प्राकृतिक गैस में बदलने के लिये टर्मिनल (रीगैसिफिकेशन) शामिल हैं। राष्ट्रीय गैस ग्रिड बनाने के लिये मौजूदा 16,800 किलोमीटर के नेटवर्क में 14,700 किलोमीर गैस पाइपलाइन को जोड़ा गया है।

हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि यह निवेश कब तक होगा या इसकी समय सीमा क्या है।

भारत की ऊर्जा रणनीति के बारे में विस्तार से बताते हुए प्रधान ने कहा कि 2030 तक 4,50,000 मेगावाट नवीकरणीय ऊर्जा का लक्ष्य हासिल करने के अलावा भारत एकीकृत रूप से गैस आधारित अर्थव्यवस्था के विकास, जीवीश्म ईंधन के स्वच्छ उपयोग, जैव ईंधन को बढ़ावा देकर घरेलू ईंधन पर निर्भरता बढ़ाने तथा हाइड्रोजन जैसे उभरते ईंधन पर ध्यान देगा।

दोनों पूर्वी और पश्चिमी तटों पर एलएनजी (तरलीकृत प्राकृतिक गैस) आयात टर्मिनल और क्षमता वृद्धि की योजना बनायी गयी है। साथ ही वाहनों के लिये सीएनजी की खुदरा बिक्री तथा घरों में पाइप के जरिये खाना पकाने की गैस पहुंचाने के लिये सिटी गैस नेटवर्क का विस्तार 407 जिलों में किया गया है।

प्रधान ने कहा, ‘‘हाल ही में हमने स्वर्णिम चतुर्भुज और बड़े राष्ट्रीय राजमार्गों पर पहला 50 एलएनजी स्टेशन के लिये आधारशिला रखी है। हमारा लक्ष्य तीन साल के भीतर 1,000 एलएनजी स्टेशन स्थापित करने का है...।’’

इसके अलावा राष्ट्रीय जैवईंधन नीति के तहत 2030 तक पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथनॉल मिश्रण तथा 5 प्रतिशत बॉयोडीजल का लक्ष्य है।

उन्होंने कहा कि सरकार नगर निगम के कचरे और कृषि अवशेषों से भी गैस उत्पादन पर जोर दे रही है। इसके लिये 5,000 कम्प्रेस्ड बॉयोगैस संयंत्र लगाने की योजना बनायी गयी है।

प्रधान ने कहा, ‘‘हाइड्रोजन मिश्रित ईंधन पर भी जोर दिया जा रहा है। पिछले महीने हमने दिल्ली में हाइड्रोजन समृद्ध-कम्प्रेस्ड प्राकृतिक गैस (एचसीएनजी) संयंत्र और वितरण स्टेशन शुरू किया है। हमने एचसीएनजी के साथ बस भी शुरू की है।’’

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