जरुरी जानकारी | भारत कृत्रिम बुद्धिमत्ता अपनाने में अग्रणी भूमिका निभाएः भवीश
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. ऑनलाइन टैक्सी सेवा ओला कैब्स के सह-संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी भवीश अग्रवाल ने शनिवार को कहा कि उत्पादकता बढ़ाने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) बेहद अहम प्रौद्योगिकी समाधान है और भारत को इसे अपनाने में बढ़त लेनी चाहिए।
मुंबई, 25 फरवरी ऑनलाइन टैक्सी सेवा ओला कैब्स के सह-संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी भवीश अग्रवाल ने शनिवार को कहा कि उत्पादकता बढ़ाने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) बेहद अहम प्रौद्योगिकी समाधान है और भारत को इसे अपनाने में बढ़त लेनी चाहिए।
अग्रवाल ने यहां एक टीवी चैनल के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि इस तरह की उन्नत प्रौद्योगिकी को अपनाने से रोजगार अवसरों में कटौती होने की आशंका में कोई दम नहीं है।
उन्होंने कहा, "एआई जैसे प्रौद्योगिकी रुझान बड़े व्यवधान खड़ा करते हैं। ऐसे में कोई यह भी सोच सकता है कि इसे अपनाने से नौकरियों को खतरा होगा, लेकिन मैं तो इसे उत्पादकता बढ़ाने वाले एक व्यापक प्रौद्योगिकी साधन की तरह देखता हूं।"
अग्रवाल ने कहा कि एआई को अपनाकर उत्पादकता को दस गुना तक बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने इस दिशा में भारत के अग्रणी स्थिति में होने का आह्वान करते हुए कहा कि इस तरह भारत दुनिया में सबसे अधिक उत्पादक देश बन सकता है।
कहा, "भारत में हमें अर्थव्यवस्था और उसके हितधारक के तौर पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता का स्वागत खुले दिल से करना चाहिए। इसका आर्थिक वृद्धि पर खासा असर होगा।"
उन्होंने कहा कि एआई को अपनाने से नई तरह की नौकरियां भी पैदा होंगी। भारत में कंप्यूटर प्रौद्योगिकी के आने से भी कई तरह की नौकरियां पैदा हुई थीं।
प्रेम
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