जरुरी जानकारी | भारत को वैश्विक नवप्रवर्तन रैंकिंग में शीर्ष 25 देशों में आने का लक्ष्य रखना चाहिए: धोत्रे
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. केंद्रीय मंत्री संजय धोत्रे ने शुक्रवार को कहा कि भारत को वैश्विक नवप्रवर्तन सूचकांक में 25 शीर्ष देशों में शामिल होने का लक्ष्य रखना चाहिए। उन्होंने देश की समस्याओं का समाधान नवप्रवर्तन और नये-नये विचारों से करने की जरूरत पर जोर दिया।
नयी दिल्ली, 25 सितंबर केंद्रीय मंत्री संजय धोत्रे ने शुक्रवार को कहा कि भारत को वैश्विक नवप्रवर्तन सूचकांक में 25 शीर्ष देशों में शामिल होने का लक्ष्य रखना चाहिए। उन्होंने देश की समस्याओं का समाधान नवप्रवर्तन और नये-नये विचारों से करने की जरूरत पर जोर दिया।
सूचना प्रौद्योगिकी और संचार राज्यमंत्री ने कहा कि हाल में विश्व बौद्धिक संपदा संगठन (डब्ल्यूआईपीओ) के वैश्विक नवप्रवर्तन सूचकांक 2020 में भारत चार स्थान के सुधार के साथ 48वें पायदान पर रहा।
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उन्होंने कहा कि रैंकिंग में सुधार से भारतीयों को अनूठे और टिकाऊ समाधान के जरिये पिछड़े और वंचित तबकों की मदद के लिये प्रेरित होना चाहिए।
उद्योग मंडल एसोचैम के ‘ऑनलाइन’ सम्मेलन में धोत्रे ने कहा, ‘‘यह रुख में व्यापक तौर पर बदलाव लाने का समय है और हमें अगले वैश्विक नवप्रवर्तन सूचकांक रैंकिंग में शीर्ष 25 देशों में आने का लक्ष्य लेकर चलना चाहिए। हमारे मंत्रालय (इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय) ने आत्मनिर्भर भारत एप नवप्रवर्तन चुनौती शुरू की है और विभिन्न श्रेणियों में बेहतरीन भारतीय ऐप को पुरस्कृत किया है।
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उन्होंने कहा कि भारत के समक्ष जो समस्याएं हैं, उसका समाधान नवप्रवर्तन और नये विचारों के जरिये होने चाहिए।
धोत्रे ने कहा, ‘‘भारत स्टार्टअप के मामले में दुनिया के प्रमुख देशों की कतार में शामिल हुआ है। विभिन्न क्षेत्रों में नीतिगत समर्थन दिये गये हैं।’’
उन्होंने कहा कि एक नोडल स्टार्टअप केंद्र गठित किये गये हैं जो राष्ट्रीय समन्वय, सुविधा प्रदाता और निगरानी केंद्र के रूप में काम करेगा। यह सभी पालना केंद्रों (इनक्यूबेशन सेंटर) और इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय से जुड़े नवप्रवर्तन संबंधित गतिविधियों में समन्वय करेगा।
राज्यसभा सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभु ने कार्यक्रम में कहा कि भविष्य के लिये उपयुक्त विचार स्टार्टअप से आएंगे। उन्होंने कहा, ‘‘बड़ी कंपनियां अपने कारोबार को बढ़ाने और उसे सतत बनाये रखने में लगे रहेंगे। छोटे स्टार्टअप नवप्रवर्तन की अगुवाई करेंगे। हर किसी को स्टार्टअप का समर्थन करना चाहिए।’’
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