विदेश की खबरें | भारत ने चीन के साथ सीमा विवाद में तीसरे पक्ष की भूमिका को खारिज करने की अपनी नीति को दोहराया
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

वाशिंगटन, 14 फरवरी भारत ने चीन के साथ सीमा विवाद में तीसरे पक्ष की भूमिका को खारिज करने की अपनी दीर्घकालिक नीति को एक बार फिर से दोहराया है।

इससे पहले, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि यदि दोनों पड़ोसी देशों के बीच लंबित मुद्दे के समाधान में मदद मिलती है, तो वह समर्थन देने के लिए तैयार हैं।

विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने शुक्रवार को प्रेसवार्ता में कहा कि नयी दिल्ली ने इन मुद्दों से निपटने में हमेशा द्विपक्षीय दृष्टिकोण अपनाया है।

लंबे समय से चली आ रही नीति के अनुसार, भारत यह मानता रहा है कि किसी भी देश के साथ उसके द्विपक्षीय मुद्दों या विवादों में किसी तीसरे पक्ष की कोई भूमिका नहीं है।

ट्रंप की पेशकश के बारे में पूछे जाने पर मिसरी ने कहा, ‘‘भारत और चीन के बीच मध्यस्थता के प्रस्ताव के बारे में आपका प्रश्न, मुझे लगता है कि आप इस प्रश्न का उत्तर जानते हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हमारे किसी भी पड़ोसी के साथ चाहे जो भी मुद्दे हों, हमने इन मुद्दों से निपटने के लिए हमेशा द्विपक्षीय दृष्टिकोण अपनाया है। भारत और चीन के मामले में भी इस रुख में कोई बदलाव नहीं है।’’

मिसरी ने कहा, ‘‘हम द्विपक्षीय स्तर पर उनके साथ अपने सभी मुद्दों पर चर्चा करते रहे हैं और हम ऐसा करना जारी रखेंगे।’’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपनी बातचीत के बाद, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने सीमा विवाद को लेकर चीन के साथ भारत के तनावपूर्ण संबंधों पर संवाददाता सम्मेलन एक सवाल का जवाब देते हुए समर्थन की पेशकश की।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं सीमा पर झड़पें देखता हूं, जो काफी क्रूर हैं, और मुझे लगता है कि वे जारी रहेंगी। अगर मैं मदद कर सकता हूं, तो मुझे ऐसा करना अच्छा लगेगा, क्योंकि इसे रोका जाना चाहिए।’’

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