जरुरी जानकारी | भारत ने की हाजिर कीमतों पर लंबी अवधि के एलएनजी सौदे की तैयारी

नयी दिल्ली, 30 जून भारत की सबसे बड़ी एलएनजी आयातक पेट्रोनेट ने मंगलवार को कहा कि वह लंबी अवधि के एक एलएनजी सौदे पर हस्ताक्षर करने वाली है, जिसमें दैनिक या हाजिर कीमतें मानक होंगी। ये कीमतें आमतौर पर ऐसे अनुबंधों की मानक दरों से कम होती हैं।

भारत ने लंबी अवधि के अनुबंधों के तहत कतर और ऑस्ट्रेलिया से मौजूदा तिमाही में तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) को औसतन साढ़े तीन से साढ़े चार डॉलर प्रति इकाई (दस लाख ब्रिटिश थर्मल यूनिट) की दर से खरीदा। एलएनजी की हाजिर या चालू कीमतें दो डॉलर के आसपास हैं। जलपोत से लाने में आसानी हो, इसलिए शून्य से कम तापमान में गैस को द्रव में बदल दिया जाता है।

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पेट्रोनेट एलएनजी लिमिटेड के सीईओ और प्रबंध निदेशक प्रभात सिंह ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘हम दैनिक मानक पर एक दीर्घकालिक सौदे के बहुत करीब हैं। एक दीर्घकालिक सौदा होगा, लेकिन दैनिक हाजिस दर के मानक पर।’’

उन्होंने आपूर्तिकर्ता का विवरण देने से इनकार करते हुए कहा कि कंपनी शुरू में इस तरह के अनुबंध के तहत 10 लाख टन एलएनजी खरीद रही है और ग्राहकों की प्रतिक्रिया के आधार पर इसे बढ़ाया जाएगा।

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पेट्रोनेट ने फरवरी में आपूर्तिकर्ताओं से 10 साल के लिए प्रति वर्ष 10 लाख टन एलएनजी आपूर्ति के लिए बोलियां मांगीं।

इस अनुबंध के तहत कीमत का निर्धारण अमेरिका के 'हेनरी केंद्र के प्राकृतिक गैस वायदा के साथ साथ नीदरलैंड के टीटीएफ गैस वायदा बाजार की कीमतों के आधार पर किया जाएगा। इन बाजारों में ज्यादातर अनुबंध दीर्घकालिक होते हैं और कच्चे तेल की कीमतों से जुड़े हैं। दोनों सूचकांकों से जुड़े एक सूत्र के अनुसार कीमत तय की जाएगी।

सिंह ने कहा कि 13 आपूर्तिकर्ताओं ने दिलचस्पी दिखाई लेकिन उन्होंने उनमें से किसी का भी नाम लेने से इनकार किया।

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