जरुरी जानकारी | भारत डेटा के मुक्त प्रवाह के विचार को स्वीकार करने की स्थिति में नहीं: गोयल
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत विभिन्न प्रकार के डेटा यानी जानकारी के विश्वास रखते हुये मुक्त प्रवाह (डीएफएफटी) के विचार को स्वीकार करने की स्थिति में नहीं है। उन्होंने कहा कि इसे न तो अच्छी तरह से समझा गया है और न ही कई देशों के कानून में व्यापक तौर पर इसकी व्यवस्था है।
नयी दिल्ली, 22 सितंबर वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत विभिन्न प्रकार के डेटा यानी जानकारी के विश्वास रखते हुये मुक्त प्रवाह (डीएफएफटी) के विचार को स्वीकार करने की स्थिति में नहीं है। उन्होंने कहा कि इसे न तो अच्छी तरह से समझा गया है और न ही कई देशों के कानून में व्यापक तौर पर इसकी व्यवस्था है।
गोयल ने जी-20 व्यापार और निवेश मंत्रियों की ‘ऑनलाइन’ बैठक में कहा कि विभिन्न देशों के बीच डिजिटल स्तर पर व्यापक अंतर को देखते हुए विकासशील देशों के लिये नीतिगत गुंजाइश की जरूरत है जिन्हें अभी डिजिटल कारोबार और डेटा को लेकर कानून को अंतिम रूप देना है।
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उन्होंने कहा कि डेटा विकास के लिये एक मजबूत साधन है और इसका न्यायसंगत उपयोग भारत के लिए एक महत्वपूर्ण पहलू है।
मंत्री ने कहा कि कई अन्य विकासशील देशों की तरह भारत अभी भी अपने डेटा संरक्षण और ई-वाणिज्य कानून के लिये विधान तैयार करने के चरण में है।
उन्होंने कहा कि भारत ने जी-20 के अन्य सदस्यों के साथ ओसाका में इस मामले में आपत्तियों के करण शामिल नहीं हुआ था।
गोयल ने कहा, ‘‘भारत डीएफएफटी की धारण स्वीकार करने की स्थिति में नहीं है।’’
बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि यह निश्चित रूप से निष्पक्ष, पारदर्शी और संतुलित होना चाहिए।
गोयल ने कहा कि सुधारों के तहत बिना-भेदभाव, समावेश, विशेष और अलग व्यवहार और सहमति के आधार पर निर्णय जैसे बुनियादी सिद्धांतों का संरक्षण होना चाहिए।
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