देश की खबरें | भारत तेजी से वैश्विक अनुसंधान महाशक्ति बन रहा है: सूद

नयी दिल्ली, 12 सितंबर भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार (पीएसए) अजय सूद ने बृहस्पतिवार को कहा कि देश तेजी से वैश्विक अनुसंधान महाशक्ति बन रहा है और जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में वैश्विक अगुआ बनने की ओर अग्रसर है। उन्होंने अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में देश की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया।

सूद ने ‘ग्लोबल बायो-इंडिया 2024’ शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए तकनीकी उत्कृष्टता, विशेष रूप से जैविक विनिर्माण और जैव ईंधन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में भारत के उदय पर जोर दिया।

उन्होंने कहा, ‘‘भारत तेजी से वैश्विक अनुसंधान महाशक्ति बन रहा है।’’ उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई सामरिक नीति संस्थान (एएसपीआई) की हाल की एक रिपोर्ट का हवाला दिया, जिसमें भारत को 64 प्रौद्योगिकियों में से 45 में शीर्ष पांच देशों में स्थान दिया गया है।

सूद ने कहा कि भारत जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में वैश्विक शक्ति बनने की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि यह प्रगति विशेष रूप से जैविक विनिर्माण के क्षेत्र में भी दिखाई दे रही है, जहां भारत अब वैश्विक स्तर पर दूसरे स्थान पर है।

उन्होंने कहा, ‘‘यह वास्तव में उत्साहपूर्ण और बहुत ही सकारात्मक पहलू है।’’ उन्होंने इस बदलाव का श्रेय रणनीतिक नीतियों और सुविचारित जोखिमों पर आधारित विकासशील वैज्ञानिक पारिस्थितिकी तंत्र को दिया।

सूद ने देश की नई जैव प्रौद्योगिकी नीति, बायो-ई3 के महत्व को आर्थिक विकास, पर्यावरणीय स्थिरता और रोजगार सृजन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में रेखांकित किया।

उन्होंने कहा, ‘‘भारत की पहली जैव प्रौद्योगिकी नीति को हाल में मंजूरी मिलना एक महत्वपूर्ण कदम है।’’

सूद ने कहा कि भारत के जैव प्रौद्योगिकी नवाचार की सफलता अनुसंधान संस्थानों, विश्वविद्यालयों, कंपनियों, निवेशकों और सरकार सहित विविध हितधारकों के बीच सहयोग पर निर्भर करती है।

उन्होंने विभिन्न वैज्ञानिक क्षेत्रों के बीच तालमेल होने की उम्मीद जताई। उन्होंने भविष्य की प्रगति को आगे बढ़ाने के लिए इस तालमेल को महत्वपूर्ण बताया।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)