ताजा खबरें | भारत तीन प्रकार के छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर विकसित कर रहा : जितेंद्र सिंह

Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. भारत तीन प्रकार के छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर (एसएमआर) विकसित कर रहा है, जिनमें से एक रिएक्टर विशेष रूप से हाइड्रोजन उत्पादन के लिए होगा।

नयी दिल्ली, 24 जुलाई भारत तीन प्रकार के छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर (एसएमआर) विकसित कर रहा है, जिनमें से एक रिएक्टर विशेष रूप से हाइड्रोजन उत्पादन के लिए होगा।

प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने बृहस्पतिवार को राज्यसभा को एक लिखित उत्तर यह जानकारी देते हुए बताया कि ये रिएक्टर मुख्यतः ऊर्जा-गहन उद्योगों के लिए कैप्टिव प्लांट्स के रूप में इस्तेमाल किए जाएंगे।

सिंह ने बताया कि भारत में स्वदेशी रूप से तीन प्रकार के एसएमआर विकसित किए जा रहे हैं। इनमें 200 मेगावाट विद्युत क्षमता वाला भारत स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर (बीएसएमआर-200), 55 मेगावाट क्षमता वाला एसएमआर, और पांच मेगावाट थर्मल उच्च तापमान गैस कूल्ड रिएक्टर (जीसीआर) शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि पांच मेगावाट थर्मल उच्च तापमान गैस कूल्ड रिएक्टर (जीसीआर) को विशेष रूप से हाइड्रोजन उत्पादन के लिए डिज़ाइन किया गया है।

डॉ. सिंह ने कहा कि इन रिएक्टरों के निर्माण के लिए सैद्धांतिक मंज़ूरी प्राप्त हो चुकी है, और परियोजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति मिलने के 60 से 72 महीनों के भीतर इनका निर्माण शुरू किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि बीएसएमआर और एसएमआर के प्रमुख यूनिट्स को परमाणु ऊर्जा विभाग के चयनित स्थानों पर न्यूक्लियर पावर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनपीसीआईएल) के सहयोग से स्थापित किया जाएगा।

डॉ. सिंह ने कहा कि इन संयंत्रों के लिए आवश्यक तकनीक देश में उपलब्ध है, और अधिकतर उपकरणों का निर्माण भारतीय उद्योगों की तकनीकी क्षमता के अनुसार, डीएई के तकनीकी मार्गदर्शन में किया जाएगा।

उन्होंने यह भी बताया कि इन रिएक्टरों को कैप्टिव पावर प्लांट्स, सेवानिवृत्त जीवाश्म ईंधन आधारित संयंत्रों के पुनर्प्रयोजन, और परिवहन क्षेत्र में हाइड्रोजन उपयोग के लिए डिज़ाइन किया गया है, जिससे कार्बन मुक्त ऊर्जा लक्ष्य को आगे बढ़ाया जा सके।

वर्तमान में भारत में कुल 25 परमाणु रिएक्टर कार्यरत हैं, जिनकी संयुक्त क्षमता 8,880 मेगावाट है। इसमें राजस्थान के रावतभाटा स्थित आरएपीएस-1 (100 मेगावाट) शामिल है, जो लंबे समय से बंद है।

सिंह ने बताया कि इसके अतिरिक्त, काकरापार (केएपीएस) इकाई 3 और 4 तथा राजस्थान की इकाई आरएपीपी-7 हैं। तीनों संयंत्र 700 मेगावाट क्षमता के हैं, और अब वाणिज्यिक संचालन शुरू कर चुके हैं।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में 18 रिएक्टर निर्माणाधीन हैं, जिनकी कुल प्रस्तावित क्षमता 13,600 मेगावाट है। इनमें 500 मेगावाट क्षमता वाला प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (पीएफबीआर) भी शामिल है, जिसे भारतीय नाभिकीय विद्युत निगम लिमिटेड (बीएचएवीआईएनआई) द्वारा कार्यान्वित किया जा रहा है ।

सिंह के अनुसार, इन सभी इकाइयों के पूर्ण होने पर देश की कुल परमाणु ऊर्जा क्षमता 22,480 मेगावाट हो जाएगी।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

संबंधित खबरें

India vs New Zealand 2nd ODI Match Scorecard: राजकोट में न्यूजीलैंड ने टीम इंडिया को 7 विकेट से रौंदा, डेरिल मिशेल ने खेली शानदार शतकीय पारी; यहां देखें IND बनाम NZ मैच का स्कोरकार्ड

DC-W vs UPW-W, WPL 2026 7th Match Scorecard: नवी मुंबई में दिल्ली कैपिटल्स ने यूपी वारियर्स को दिया 155 रनों का लक्ष्य, मेग लैनिंग ने खेली धमाकेदार पारी; यहां देखें पहली पारी का स्कोरकार्ड

KL Rahul New Milestone: नाबाद शतकीय पारी खेलने के बाद केएल राहुल ने रचा इतिहास, इस मामले में ग्लेन फिलिप्स को छोड़ा पीछे

DC-W vs UPW-W, WPL 2026 7th Match Live Toss And Scorecard: नवी मुंबई में दिल्ली कैपिटल्स की कप्तान जेमिमा रोड्रिग्स ने जीता टॉस, पहले गेंदबाजी करने का किया फैसला; यहां देखें दोनों टीमों की प्लेइंग इलेवन और लाइव स्कोरकार्ड

\