जरुरी जानकारी | भारत ने मलेशिया से आयात होने वाले ‘क्लीयर फ्लोट ग्लास’ पर डंपिंग रोधी शुल्क लगाया

नयी दिल्ली, 12 नवंबर भारत ने मलेशिया से आयात किये जाने वाले ‘क्लीयर फ्लोट ग्लास’ पर

पांच साल के लिये डंपिंग रोधी शुल्क लगा दिया है। इसका उपयोग वाहनों और रेफ्रिजरेशन उद्योगों में होता है।

यह भी पढ़े | Dhanteras 2020: डिजिटल गोल्ड में Paytm, GooglePay और ब्रोकर फर्मों से करें निवेश, यहां जानिए सबकुछ.

सस्ते आयात से घरेलू कंपनियों के हितों की रक्षा के लिये यह कदम उठाया गया है।

वाणिज्य मंत्रालय की जांच इकाई व्यापार उपचार महानिदेशालय (डीजीटीआर) की सिफारिश के बाद शुल्क लगाया गया है।

यह भी पढ़े | Chhatt 2020: अदालत ने छठ पूजा पर एकत्र होने के लिए जारी किये दिशा निर्देश, पटाखों पर प्रतिबंध.

राजस्व विभाग ने एक अधिसूचना में कहा, ‘‘डंपिंग रोधी शुल्क पांच साल के लिये है... शुल्क का भुगतान भारतीय रुपये में होगा।’’

डीजीटीआर शुल्क की सिफारिश करता है जबकि वित्त मंत्रालय इस बारे में अंतिम निर्णय करता है।

शुल्क 273 डॉलर प्रति टन से लेकर 326 डॉलर प्रति टन के दायरे में लगाया गया है।

ग्लास का उपयोग निर्माण, रेफ्रिजरेशेन, वाहन उद्योग और आईने में किया जाता है। यह ग्लास की बेहतर गुणवत्ता है।

दक्षिणपूर्व एशियाई क्षेत्र में मलेशिया, भारत का प्रमुख कारोबारी भागीदार है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)