नयी दिल्ली, 12 नवंबर भारत ने मलेशिया से आयात किये जाने वाले ‘क्लीयर फ्लोट ग्लास’ पर
पांच साल के लिये डंपिंग रोधी शुल्क लगा दिया है। इसका उपयोग वाहनों और रेफ्रिजरेशन उद्योगों में होता है।
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सस्ते आयात से घरेलू कंपनियों के हितों की रक्षा के लिये यह कदम उठाया गया है।
वाणिज्य मंत्रालय की जांच इकाई व्यापार उपचार महानिदेशालय (डीजीटीआर) की सिफारिश के बाद शुल्क लगाया गया है।
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राजस्व विभाग ने एक अधिसूचना में कहा, ‘‘डंपिंग रोधी शुल्क पांच साल के लिये है... शुल्क का भुगतान भारतीय रुपये में होगा।’’
डीजीटीआर शुल्क की सिफारिश करता है जबकि वित्त मंत्रालय इस बारे में अंतिम निर्णय करता है।
शुल्क 273 डॉलर प्रति टन से लेकर 326 डॉलर प्रति टन के दायरे में लगाया गया है।
ग्लास का उपयोग निर्माण, रेफ्रिजरेशेन, वाहन उद्योग और आईने में किया जाता है। यह ग्लास की बेहतर गुणवत्ता है।
दक्षिणपूर्व एशियाई क्षेत्र में मलेशिया, भारत का प्रमुख कारोबारी भागीदार है।
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