देश की खबरें | भारत, फ्रांस, आस्ट्रेलिया ने हिन्द प्रशांत क्षेत्र पर केंद्रित प्रथम त्रिपक्षीय वार्ता आयोजित की

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. हिंद प्रशांत क्षेत्र में चीन के बढ़ते सैन्य दबदबे के बीच भारत, फ्रांस और आस्ट्रेलिया ने बुधवार को पहली बार इस क्षेत्र में आपसी सहयोग बढ़ाने के मुद्दे को केंद्र में रखते हुए त्रिपक्षीय वार्ता की।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, नौ सितंबर हिंद प्रशांत क्षेत्र में चीन के बढ़ते सैन्य दबदबे के बीच भारत, फ्रांस और आस्ट्रेलिया ने बुधवार को पहली बार इस क्षेत्र में आपसी सहयोग बढ़ाने के मुद्दे को केंद्र में रखते हुए त्रिपक्षीय वार्ता की।

डिजिटल माध्यम से आयोजित इस बैठक की सह अध्यक्षता विदेश सचिव हर्ष वर्द्धन श्रृंगला, यूरोप एवं विदेश मामलों के लिये फ्रांस के महासचिव फ्रांस्वां देलात्री और आस्ट्रेलिया के विदेश मामलों के विभाग के सचिव फ्रांसिस एडमसन ने की ।

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विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार, ‘‘ इस वार्ता में मुख्य रूप से हिन्द प्रशांत क्षेत्र में सहयोग को बढ़ाने पर जोर दिया गया । ’’

इसमें कहा गया कि इस परिणामोन्मुखी बैठक के आयोजन का मकसद तीनों देशों के बीच मजबूत संबंधों को प्रगाढ़ बनाना और अपनी ताकत को शांतिपूर्ण, समृद्ध, सुरक्षित और कानून के शासन पर आधारित हिन्द प्रशांत क्षेत्र सुनिश्चित करने पर केंद्रित रहा ।

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विदेश मंत्रालय ने कहा कि तीनों देशों ने वार्षिक आधार पर वार्ता आयोजित करने पर सहमति व्यक्त की ।

इसमें कहा गया है कि तीनों पक्षों ने आर्थिक और भू-सामरिक चुनौतियों और हिन्द प्रशांत में सहयोग और खास तौर पर कोविड-19 महामारी के परिदृश्य एवं संकट से निपटने में घरेलू प्रतिक्रिया पर चर्चा की ।

मंत्रालय ने कहा, ‘‘ तीनों देशों ने अपनी प्राथमिकताओं और चुनौतियों तथा क्षेत्रीय एवं वैश्विक बहुस्तरीय संस्थानों में चलन के बारे में विचारों का आदान प्रदान किया । इसमें बहुपक्षीयता को मजबूत बनाने एवं सुधार के श्रेष्ठ रास्तों के बारे में भी चर्चा की गई । ’’

विदेश मंत्रालय ने कहा कि इसमें वैश्विक नौवहन के क्षेत्र में सहयोग और त्रिपक्षीय एवं क्षेत्रीय स्तर पर व्यावहारिक गठजोड़ के संभावित क्षेत्रों के बारे में भी चर्चा की गई जिसमें आसियान, इंडियन ओसन रिम एसोसिएशन और हिन्द प्रशांत आयोग जैसे क्षेत्रीय संगठनों के जरिये सहयोग शामिल है।

गौरतलब है कि इस क्षेत्र में 10 देशों वाले आसियान को प्रभावी समूह के रूप में जाना जाता है। इसमें भारत के अलावा अमेरिका, चीन, जापान, आस्ट्रेलिया सहित कई देश शामिल हैं ।

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