जरुरी जानकारी | बौद्धिक संपदा अधिकारों पर सहयोग बढ़ाने को भारत, डेनमार्क ने किया समझौता

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नयी दिल्ली, 26 सितंबर भारत और डेनमार्क ने शनिवार को बौद्धिक संपदा अधिकारों (आईपीआर) के क्षेत्र में सर्वोत्तम प्रथाओं का आदान-प्रदान तथा प्रशिक्षण कार्यक्रमों में सहयोग बढ़ाने के लिये एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) शुरू किया।

वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने एक बयान में कहा, दोनों पक्ष एमओयू को लागू करने के लिये एक द्विवार्षिक कार्य योजना तैयार करेंगे, जिसमें सहयोग गतिविधियों को पूरा करने की विस्तृत योजना शामिल होगी।

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एमओयू का उद्देश्य अधिकारियों, व्यवसायों और अनुसंधान तथा शैक्षणिक संस्थानों के बीच आईपी जागरूकता पर सर्वोत्तम प्रथाओं, अनुभवों व ज्ञान के आदान-प्रदान के माध्यम से दोनों देशों के बीच आईपी सहयोग को बढ़ाना और प्रशिक्षण कार्यक्रमों, विशेषज्ञों के आदान-प्रदान, तकनीकी आदान-प्रदान एवं आउटरीच गतिविधियों में सहयोग करना है।

दोनों पक्ष पेटेंट, ट्रेडमार्क, औद्योगिक डिजाइन और भौगोलिक संकेत के लिये आवेदन के निपटान की प्रक्रियाओं पर सूचनाओं व सर्वोत्तम प्रथाओं का भी आदान-प्रदान करेंगे।

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बयान में कहा गया, "यह समझौता ज्ञापन भारत और डेनमार्क के बीच सहयोग को बढ़ावा देने में एक लंबा रास्ता तय करेगा तथा दोनों देशों को एक-दूसरे के अनुभव से सीखने के अवसर प्रदान करेगा।"

आंतरिक व्यापार एवं उद्योग संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) के सचिव गुरुप्रसाद महापात्र और डेनमार्क के राजदूत फ्रेडी स्वेन ने औपचारिक समझौते पर हस्ताक्षर किये।

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