भारत प्रकृति की रक्षा एवं संवर्धन को प्रतिबद्ध: भूपेंद्र यादव
केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने रविवार को कहा कि भारत प्रकृति के संरक्षण और संवर्धन के लिये प्रतिबद्ध है, जैसा कि देश भर में रामसर स्थलों (अंतरराष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमियों) में लगातार वृद्धि से परिलक्षित होता है.
नयी दिल्ली, 2 फरवरी : केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने रविवार को कहा कि भारत प्रकृति के संरक्षण और संवर्धन के लिये प्रतिबद्ध है, जैसा कि देश भर में रामसर स्थलों (अंतरराष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमियों) में लगातार वृद्धि से परिलक्षित होता है. यादव ने विश्व आर्द्रभूमि दिवस के अवसर पर भारत में रिकॉर्ड 89 रामसर स्थलों के विकास का श्रेय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आर्द्रभूमि संरक्षण पर ध्यान देने को दिया. भारत का आर्द्रभूमि के मामले में एशिया में शीष और विश्व में तीसरा स्थान है.
यादव ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जारी पोस्ट में कहा, ‘‘ रामसर स्थलों में लगातार वृद्धि के साथ, भारत प्रकृति के संरक्षण और संवर्धन दोनों के प्रति प्रतिबद्धता दिखा रहा है. इस दिशा में, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने आर्द्रभूमि के संरक्षण पर अभूतपूर्व जोर दिया है. इस दृष्टिकोण के कारण ही हमारे रामसर स्थलों की संख्या 89 तक पहुंच गई है.’’ विश्व आर्द्रभूमि दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश के गोण्डा में आयोजित एक कार्यक्रम में हिस्सा लेते हुए केंद्रीय पर्यावरण राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने कहा कि जिले में 100 से अधिक छोटी-बड़ी आर्द्रभूमियां हैं और इसमें आर्द्रभूमि शहर के रूप में पहचान बनाने की क्षमता है. यह भी पढ़ें : UP: जिससे सनातन धर्म का गौरव बढ़ता हो, सपा को उससे पीड़ा होती है; सीएम योगी
उन्होंने यह भी कहा कि रामसर स्थलों की संख्या के मामले में उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु के बाद भारत में दूसरे स्थान पर है.
कार्यक्रम में शामिल हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जीवन को बनाए रखने के लिए पारिस्थितिकी तंत्र संतुलन बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया. उन्होंने कहा, ‘‘पिछले 10 वर्षों में देश में 63 रामसर स्थलों को मान्यता दी गई है, जो पिछले 65 वर्षों की तुलना में एक बड़ा कदम है.’’
(The above story first appeared on LatestLY on Feb 02, 2025 04:28 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

