विदेश की खबरें | भारत ने शांतिरक्षकों के शीघ्र टीकाकरण के लिए एक समावेशी प्रणाली का आह्वान किया

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संयुक्त राष्ट्र, 26 जनवरी भारत ने संयुक्त राष्ट्र के शांति मिशन में शामिल शांतिरक्षकों, मानवीय कार्यों में शामिल कर्मियों और अग्रिम श्रमिकों के शीघ्र टीकाकरण के लिए एक ‘‘समावेशी प्रणाली’’ का आह्वान किया है।

संयुक्त राष्ट्र के शांति मिशन में भारत के सबसे अधिक सैनिक विभिन्न स्थानों पर तैनात हैं।

संयुक्त राष्ट्र में भारत के उप-स्थायी प्रतिनिधि के. नागराज नायडू ने कहा कि कोविड-19 वैश्विक महामारी के कारण शांति अभियानों के समक्ष कई चुनौतियों के बावजूद, उन्होंने अपने कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और महत्वपूर्ण कार्यों को जारी रखने के उद्देश्य से अपनी क्षमता की रक्षा करने के लिए अपनी आकस्मिक योजनाओं को अनुकूलित और अद्यतन किया है, जिससे कि उनके कार्य जारी रहें।

‘अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा का रखरखाव: संकल्प 2532 के कार्यान्वयन पर अनुवर्ती कार्रवाई’ पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में नायडू ने कहा, ‘‘ परिषद को विशेष रूप से कठिन मिशन में हमारे शांति रक्षकों के बलिदानों को मान्यता प्रदान करने की जरूरत है, जहां काम करने का समय बढ़ाया गया है।’’

नायडू ने कहा, ‘‘ हमें एक समावेशी प्रणाली लाने की जरूरत है, जिसके तहत हमारे शांतिरक्षकों, मानवीय कार्यों में शामिल कर्मियों और संयुक्त राष्ट्र के अग्रिम कर्मियों को पहले टीके लगाए जाएं और मानवीय अभियानों की सुरक्षित पहुंच सुनिश्चित हो।’’

उन्होंने कहा कि परिषद को संघर्ष की परिस्थितियों में अर्थव्यवस्थाओं की सुरक्षित एवं निरंतर बेहतरी की गारंटी देने वाली और संघर्ष-ग्रस्त देशों में सबसे अधिक वंचित आबादी तक टीके तथा चिकित्सीय सामान की त्वरित पहुंच सुनिश्चित करने वाली पहल की दिशा में काम करना चाहिए।

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