नयी दिल्ली, 11 अगस्त दक्षिण चीन सागर में फिलीपीन और चीन के बीच ताजा गतिरोध के बीच भारत ने दक्षिण चीन सागर में अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करने और विवादों के शांतिपूर्ण समाधान के लिए अपना आह्वान दोहराया।
फिलीपीन ने चीनी तटरक्षक पर उसके जहाजों पर पानी की बौछारें करने और दक्षिण चीन सागर में उनकी आवाजाही को अवरुद्ध करने का आरोप लगाया है। फिलीपीन तटरक्षक ने चीनी कार्रवाई को ‘‘गैरकानूनी’’ बताया।
दक्षिण चीन सागर में नवीनतम टकराव के संबंध में टिप्पणी के लिए पूछे जाने पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि भारत का मानना है कि मुद्दों को शांतिपूर्ण ढंग से हल करने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा, ‘‘दक्षिण चीन सागर से संबंधित मुद्दों के संदर्भ में अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करने और नियम आधारित व्यवस्था की आवश्यकता पर लंबे समय से हमारा रुख एक समान है।’’
बागची ने कहा कि नयी दिल्ली ने विवादों के शांतिपूर्ण समाधान की आवश्यकता को रेखांकित किया है। उन्होंने कहा, ‘‘हम निश्चित रूप से संबंधित पक्षों से आग्रह करेंगे कि वे इसका पालन करें और यह भी सुनिश्चित करें कि ऐसी घटनाएं न हों।’’
समूचे दक्षिण चीन सागर पर संप्रभुता के चीन के दावों पर वैश्विक चिंताएं बढ़ रही हैं। वियतनाम, फिलीपीन और ब्रुनेई सहित कई देश इस क्षेत्र पर अपना-अपना दावा जताते हैं।
वहीं, भारत में फंसे हुए सूडानी लोगों से संबंधित एक सवाल का जवाब देते हुए बागची ने कहा कि भारत उन्हें संभावित सहायता दे रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘जैसा कि आप जानते हैं, कुछ महीने पहले (वहां) हिंसा भड़कने के बाद से सूडान के लिए नियमित उड़ानें निलंबित हैं। वहां हवाई संपर्क बहुत सीमित है।’’
बागची ने कहा, ‘‘सरकार यहां सूडानी दूतावास के संपर्क में है और हम जो भी सहायता दे सकते हैं, हम निश्चित रूप से देंगे।’’
राजनयिक सूत्रों ने कहा कि वर्तमान में 600 से 700 सूडानी नागरिक भारत में फंसे हुए हैं और नयी दिल्ली उन्हें सहायता प्रदान कर रही है।
एक अन्य सवाल पर, बागची ने उम्मीद जताई कि चीन ऐसी परिस्थितियां सुनिश्चित करेगा जिससे भारतीय पत्रकार उस देश में रह सकें और वहां से रिपोर्ट कर सकें।
बागची से पूछा गया कि क्या चीन ने हाल में भारतीय पत्रकारों को वीजा दिया है और क्या भारत चीनी पत्रकारों के लिए भी इस पर विचार कर रहा है।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं वीजा के व्यक्तिगत मामलों में नहीं पड़ूंगा। हम आशा करेंगे कि चीन ऐसी परिस्थितियां सुनिश्चित करेगा जो हमारे पत्रकारों को वहां रहने और रिपोर्ट करने की अनुमति दे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम इस मुद्दे पर चीनी पक्ष के संपर्क में हैं।’’
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